पढ़िए, धूमल ने पीएम मोदी से क्यों मांगें 100 करोड़?
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हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की। प्रधानमंत्री बनने के बाद ये उनकी पहली भेंट थी।
धूमल ने मोदी से कहा- भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन को मनाली-लेह तक ले जाने के लिए केंद्र सरकार इसी साल बजट का प्रावधान करें। धूमल ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि सीमा क्षेत्रों में रेल नेटवर्क बढ़ाने के लिए वित्त मंत्री ने 1000 करोड़ का प्रावधान किया है।
इसमें से कम से कम 100 करोड़ इसी वर्ष इस रेललाइन के लिए दिया जाए ताकि इसका काम तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
नंगल तलवाड़ा रेल लाइन के लिए भी मांगा पैसा
सामरिक महत्व की ये रेल लाइन देश के काम आएगी और बार्डर तक रसद पहुंचाने में करोड़ों का खर्च भी बचेगा। उन्होंने नंगल-ऊना-तलवाड़ा रेल लाइन के लिए धन देने की बात भी उठाई।
धूमल ने बजट में हिमाचल को आईआईएम देने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। कहा कि उत्पाद शुल्क में जो रियायतें दी गई हैं, उससे स्वदेशी उद्योगों में काम बढ़ेगा और पूंजी निवेश में बढ़ोतरी होगी।
धूमल ने मोदी से मिलने के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से भी मुलाकात की।
पूरा हुआ वन रैंक वन पेंशन का सपना
धूमल ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि वन रैंक वन पेंशन में 1000 करोड़ का प्रावधान कर सरकार ने उनके सपने को भी पूरा किया है। 1990 में उन्होंने संसद में पहली बार यह मसला उठाया था।
एनडीए सरकार में पूर्व सैनिकों के साथ पूरी तरह न्याय हुआ है। उन्होंने राज्य को दो रेल लाइनों का सर्वे दिए जाने का भी स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पेश किया गया बजट बेहद संतुलित है और इससे न सिर्फ गरीबों को फायदा होगा बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।