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धर्म संसद ऊना: भड़काऊ भाषण पर आयोजक को दूसरा नोटिस, एसपी को जांच के निर्देश

Tue, 19 Apr 2022 08:17 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, अंब/दौलतपुर चौक (ऊना)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंब/दौलतपुर चौक (ऊना) Published by: Krishan Singh Updated Tue, 19 Apr 2022 08:17 PM IST
सार

धर्म संसद में भड़काऊ भाषण देने पर आयोजक को अंब पुलिस थाना ने एक और नोटिस जारी किया है। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है कि पहले नोटिस में चेतावनी के बावजूद भड़काऊ भाषण को क्यों जारी रखा गया। 

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Dharma Sansad Una: Show cause notice to organizer on complaint of provocative speech
धर्म संसद ऊना। - फोटो : संवाद

विस्तार

धर्म संसद में भड़काऊ भाषण देने पर आयोजक को अंब पुलिस थाना ने एक और नोटिस जारी किया है। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है कि पहले नोटिस में चेतावनी के बावजूद भड़काऊ भाषण को क्यों जारी रखा गया। उपायुक्त राघव शर्मा ने एसपी को भी जांच-पड़ताल के निर्देश दिए हैं। जांच में आरोप सिद्ध हुए तो मामला दर्ज करने के लिए कहा गया है। दरअसल, जिला ऊना के मुबारिकपुर में 17 से 19 अप्रैल तक हुई धर्म संसद को लेकर एक व्यक्ति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसी याचिकाकर्ता ने पहले ई-मेल कर इस धर्म संसद को लेकर कार्रवाई की मांग की थी।

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लिहाजा, पुलिस ने किसी भी तरह के भड़काऊ भाषण न देने के लिए नोटिस जारी किया था। इस नोटिस के जारी होने के दूसरे दिन याचिकाकर्ता ने उपायुक्त को एक और शिकायत पत्र भेजा। इस पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म संसद में भड़काऊ भाषण दिए गए हैं। सोशल मीडिया में भी वीडियो चलाए गए हैं। हालांकि, वह वीडियो या कोई लिंक प्रशासन को मुहैया नहीं करवा पाए हैं। वहीं, धर्म संसद के आयोजक यति सत्यदेवानंद सरस्वती ने कहा कि धर्म संसद में सिर्फ धर्म से जुड़े साधु-संतों ने सनातन धर्म पर अपने विचार प्रकट किए हैं। इसमें आम लोगों को आमंत्रित नहीं किया गया था। धर्म संसद में किसी प्रकार का भड़काऊ भाषण नहीं दिया है। एसपी अर्जित सेन ठाकुर ने बताया कि मामले में जांच जारी है।

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मठों और मंदिरों को सरकार के कब्जे से मुक्त कराने का धर्मादेश

 धर्म संसद के अंतिम दिन मंगलवार को महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा भारती के निर्देश पर धर्म आदेश जारी किया गया। आह्वान किया गया कि सनातन धर्म के मठों और मंदिरों को सरकार के कब्जे से मुक्त किया जाए। शास्त्र ज्ञान के साथ शस्त्र रखें और उनको चलाना भी सीखें। इसके लिए जगह-जगह शस्त्र गुरुकुल परंपरा शुरू करने की बात कही गई। सनातनी समाज अपनी जनसंख्या को कम न होने दें और ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करें। जिला ऊना के मुबारिकपुर में तीन दिवसीय धर्म संसद का मंगलवार को समापन हो गया। तीन दिन चली इस धर्म संसद में भारतवर्ष के हिंदुओं के विभिन्न पंथों एवं सामाजिक क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लेकर चिंतन एवं मनन किया।

धर्म संसद के संयोजक यति सत्यदेवानंद सरस्वती महाराज ने बताया कि धर्मादेश में आह्वान किया गया है कि सनातनी समाज अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों पर रोना सीखे और अपनों के लिए खड़ा होना सीखे। जातियों और संगठनों में बंटने की बजाय एकमत होकर अपने बच्चों को सुरक्षित भविष्य देने की ओर बढ़ें। भाईचारा व सौहार्द बनाएं। इस अवसर पर धर्म संसद के अध्यक्ष बाल बाबा योगी ज्ञान नाथ जी के साथ श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर राम मोहन दास जी, स्वामी सागर गिरि जी महाराज, स्वामी नारद गिरी महाराज, स्वामी आत्मानंद अब्दूत महाराज शेव शून्य स्वामी, स्वामी बलदेव जी व अन्य उपस्थित रहे।

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