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धर्मशाला: सरकारी गोदाम में हजारों क्विंटल धान को लगा अनदेखी का कीड़ा

Wed, 29 Jan 2025 11:33 AM IST
Krishan Singh सचिन चौधरी, संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
सचिन चौधरी, संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 29 Jan 2025 11:33 AM IST
सार

 कांगड़ा के गोदामों में रखे हजारों क्विंटल धान को सरकारी अनदेखी का कीड़ा खा रहा है। सरकारी गोदामों में रखे धान पर खाद्य आपूर्ति विभाग और राज्य नागरिक आपूर्ति निगम की अनदेखी भारी पड़ गई।

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Dharamshala: Thousands of quintals of paddy in govt warehouse infected by neglect
फतेहपुरके एक गोदाम में धान को लगा कीड़ा। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के गोदामों में रखे हजारों क्विंटल धान को सरकारी अनदेखी का कीड़ा खा रहा है। सरकारी गोदामों में रखे धान पर खाद्य आपूर्ति विभाग और राज्य नागरिक आपूर्ति निगम की अनदेखी भारी पड़ गई।  यह धान फतेहपुर के मिलवां और मंड के गोदामों में रखा गया, लेकिन खाद्य आपूर्ति विभाग और निगम ने इसे समय पर शिफ्ट नहीं किया और इसे कीड़ा लग गया। 2,275 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से हुई इस धान की खरीद के कारण सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। दोनों विभाग जिम्मेवारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। 

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हालात ऐसे हैं कि अब इस खराब धान को लेने से मिल वालों ने भी मना कर दिया है। विभाग और निगम की लापरवाही के कारण कीड़े ने धान और चावल को खाना शुरू कर दिया है। गोदाम कीड़ों से भरे पड़े हैं। जो धान मिल को भेजा जा रहा है, उसमें से 50 फीसदी चावल टूट जा रहा है। इससे मिल संचालक को तो नुकसान हो ही रहा है, साथ ही प्रदेश सरकार को भी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। धान खरीद के लिए जो नोडल एजेंसी बनाई गई है, उसने दो माह पहले खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को इस धान को ऊना शिफ्ट करने के लिए कहा था। पर अधिकारियों ने धान कहीं नहीं भेजा।
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जिला कांगड़ा में विभाग ने 13,465 मीट्रिक टन धान खरीदा था। इसमें 4,364 मीट्रिक टन मिल भेज दिया था। वहीं, 8,481 मीट्रिक टन धान को गोदाम में भेजा गया था, जिसमें से 2,788 मीट्रिक टन धान गोदाम से मिल भेजा। गया है। अभी गोदाम में 5,692 मीट्रिक टन धान सड़ रहा है। जिस हिसाब से मिल में धान से चावल निकाला जा रहा है, उस रफ्तार से अप्रैल से पहले कार्य पूरा नहीं होगा।

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क्या बोले अधिकारी
खाद्य आपूर्ति विभाग का काम धान किसानों से मंडियों में इकट्ठा करना था। धान को गोदाम पहुंचाया जा चुका है। अब विभाग का कोई लेना-देना नहीं है। इसके लिए राज्य नागरिक आपूर्ति निगम जिम्मेवार है। -पुरुषोत्तम सिंह, नियंत्रक, जिला खाद्य आपूर्ति विभाग

धान ऊना शिफ्ट करने के लिए दो माह पहले अधिकारियों को कहा था, लेकिन खाद्य आपूर्ति विभाग ने उस समय ट्रक किराया ज्यादा होने की बात कही, जबकि पहले विभाग की ओर से किराया तय किया था। इस वजह से अब धान
गोदामों में कीड़ा लगने के कारण खराब हो रहा है। -संजीव वर्मा, नोडल अधिकारी, स्टेट एजेंसी, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम

 फतेहपुर क्षेत्र में थोड़ा ही धान गोदाम में मचा है। रही बात कीड़ा लगने की तो दवाइयों का छिड़काव कर दिया है। हो सकता है किसी किसान ने गीला धान दे दिया हो, जिस  वजह से धान में कीड़ा लगा हो। -सरवण कुमार, एरिया मैनेजर, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम, कांगड़ा
 
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