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Cryptocurrency Fraud: एसआईटी ने हाईकोर्ट में दायर की पहली स्टेटस रिपोर्ट, खुफिया एजेंसियों को भी लिखा पत्र

Tue, 07 Nov 2023 07:01 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 07 Nov 2023 07:01 PM IST
सार

डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के दौरान नौ आरोपियों ने हाईकोर्ट और अन्य अदालतों में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिन्हें खारिज कर दिया गया है। हाईकोर्ट ने पुलिस की जांच पर संतोष जताया है।

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dgp sanjay kundu: himachal police SIT files status report in High Court in cryptocurrency fraud case
हिमाचल पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू - फोटो : संवाद

विस्तार

क्रिप्टोकरेंसी ठगी के मामले की जांच कर रही पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने मंगलवार को हाईकोर्ट में पहली स्टेटस रिपोर्ट दायर की है। इसमें कोर्ट को बताया गया कि इस मामले में अब तक 18 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है और 12 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। ठगी के मुख्य आरोपी सुखदेव, हेमराज और अभिषेक की गिरफ्तारी की गई है। इनका साथी एवं चौथा मुख्य आरोपी सुभाष दुबई भाग गया है। उसे भारत लाने के लिए इंटरपोल की मदद से लुकआउट नोटिस जारी किया गया है।

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जैसे वह किसी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंचेगा, उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शिमला में पत्रकारों को डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के दौरान नौ आरोपियों ने हाईकोर्ट और अन्य अदालतों में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिन्हें खारिज कर दिया गया है। हाईकोर्ट ने पुलिस की जांच पर संतोष जताया है। इससे पहले बीते रोज एसआईटी ने जिला अदालत में भी स्टेटस रिपोर्ट दायर की थी।
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डीजीपी कुंडू ने कहा कि आमतौर पर 50,000 से ज्यादा की ट्रांजेक्शन पर बैंक व आयकर विभाग की नजर रहती है, लेकिन 2,500 करोड़ का यह घोटाला इन दोनों विभागों के ध्यान में क्यों नहीं आया। इतना बड़ा लेन-देन बैंकिंग व आयकर विभाग की पकड़ में कैसे नहीं आया। डीजीपी ने बताया कि सुभाष शर्मा और इसके साथियों ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वाले कुछ लोगों के विदेशी दौरे पर 3.50 करोड़ रुपये खर्च किए।
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इन्हें दुबई, थाईलैंड कई अन्य देशों की सैर करवाई गई, ताकि लोगों का भरोसा जीता जा सके। कुंडू ने कहा कि एसआईटी ने जबसे अपनी कार्रवाई शुरू की है, आरोपियों ने कुछ निवेशकों को पैसा भी वापस किया है, ताकि पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी से बचा जा सके। मामले में चार पुलिस कर्मचारियों की भी गिरफ्तारी हुई है। दोगुना पैसा मिलने के लालच में एक लाख लोगों ने निवेश किया है। इसमें 500 करोड़ का मुनाफा आरोपियों ने कमाया है।

पैसा टेरर फंडिंग में तो नहीं लगा, केंद्रीय खुफिया सुरक्षा व कर एजेंसियों को जांच के लिए लिखा पत्र : डीजीपी
डीजीपी कुंडू ने कहा कि इस मामले के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े होने की आशंका के चलते यह पता लगाया जा रहा है कि यह पैसा टेरर फंडिंग के लिए तो नहीं गया। इसकी जांच के लिए केंद्रीय खुफिया सुरक्षा और कर एजेंसियों को पत्र लिखा गया है।


ठगी में दो करोड़ से ज्यादा कमाने वालों पर कार्रवाई
डीजीपी ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई बड्स एक्ट यानी बैनिंग ऑफ अनरेग्युलेटेड डिपॉजिट स्कीम के तहत की है। इसमें दस साल तक की सजा का प्रावधान है। एक्ट के अनुसार सेबी व भारत सरकार से लाइसेंस लिए बिना जिन्होंने इस बिजनेस को आगे बढ़ाया और दो करोड़ रुपये से ज्यादा कमाए, उन पर कार्रवाई की जा रही है।
 

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