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HP High Court: डीजीपी को अदालत के समक्ष सही जानकारी देने के आदेश, जानें पूरा मामला

Fri, 20 Jan 2023 10:36 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 20 Jan 2023 10:36 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने पुलिस की ओर से जमानत के मामले में सही जानकारी न देने पर कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत ने डीजीपी को अदालत के समक्ष सही जानकारी देने के दिए आदेश दिए हैं।

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DGP ordered to give correct information before the court
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस की ओर से जमानत के मामले में सही जानकारी न देने पर कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत ने डीजीपी को अदालत के समक्ष सही जानकारी देने के दिए आदेश दिए हैं। इसके लिए अदालत ने डीजीपी को सभी एसपी को दिशा निर्देश जारी करने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह ने जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किए। अदालत ने पाया कि पुलिस ने बॉबी शर्मा की जमानत में सही और पूरी जानकारी अदालत को नहीं सौंपी है। अदालत ने पाया कि इससे पहले आरोपी ने हाईकोर्ट के समक्ष दो जमानत याचिकाएं दायर की थी। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में इन दोनों जमानत याचिकाओं का जिक्र नहीं किया था। अदालत ने अपने आदेशों में कहा कि आरोपी के खिलाफ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। ऐसे अधिकारियों से आशा जताई जाती है कि वे आरोपी के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को अदालत में ध्यान में लाएं। इसके साथ यदि उसने कभी जमानत दायर की हो तो उसे भी अदालत को बताया जाना चाहिए। 

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अदालत ने कहा कि इन तथ्यों के बिना सरकारी वकील भी जमानत की पैरवी करने में असमर्थ रहते हैं। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि आरोपी ने दो जमानत याचिकाएं हाईकोर्ट के दूसरे बेंच में दायर की थी। विरोधाभासी निर्णय से बचने के लिए अदालत ने बॉबी शर्मा की जमानत को उसी बेंच में भेजने के आदेश दिए, जहां उसने पहले जमानत याचिका दायर की थी। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि  अदालत की साख और प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए मुकदमेबाज को अदालत के चयन प्रणाली को प्रोत्साहन नहीं किया जा सकता। परस्पर विरोधी निर्णय से बचने के लिए एक की मामले पर अलग-अलग न्यायाधीश को मामले का निपटारा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। 

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