देवताओं ने दी चेतावनी, मेले में देनी होगी पशुबलि
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हिमाचल के मंडी में होने वाले महा शिवरात्रि उत्सव से पहले देवताओं ने चेतावनी दे दी है। बिना बलि ये मेले में शामिल होने से साफ इंकार कर रहे हैं। पशुबलि को लेकर उच्च न्यायालय के आदेशों को रद्द करने को लेकर कारदार एकजुट हो गए हैं।
सर्व देवता सेवा समिति की साधारण सभा में हरियानों ने कारदारों के माध्यम से पशुबलि के संदर्भ में हाईकोर्ट के लिए जारी आदेश रद्द न होने की सूरत में प्रमुख देवताओं के आगामी शिवरात्रि में नहीं भाग लेने की दो टूक चेतावनी दी है।
कारदारों ने हिमाचल देव भूमि की संस्कृति को बरकरार रखने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा जनहित के लिए याचिका दायर करने का आग्रह किया है। सर्व देवता सेवा समिति की साधारण सभा अध्यक्ष शिवपाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में कारदारों ने उच्च न्यायालय द्वारा देव परंपरा पर अंकुश लगाने पर रोष जताया है।
इन देवताओं ने किया आने से इंकार
इस संबंध में कारदारों का कहना है कि पंजीकृत 215 देवी-देवताओं को शिवरात्रि के दौरान ठहरने के लिए कोई सुनिश्चित स्थान नहीं है। शिवरात्रि महोत्सव के प्रमुख देवता कमरूनाग के हरियान ही महोत्सव में आने के लिए मुकर गए हैं।
हरियान बलि प्रथा के आदेश निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा विष्णु मतलोड़ा, चंचुवाला महादेव, लगनौणी, सोमूनाग, आदि पुरख बह्मा, बिठ्ठू नारायण के हरियान देवता को महोत्सव में ले जाने से मना कर रहे हैं।
पंजीकृत 215 देवी-देवताओं को शिवरात्रि के दौरान ठहरने के लिए कोई सुनिश्चित स्थान नहीं है। इनकी मांग है कि इसके लिए देवसदन (संस्कृति भवन) का निर्माण जल्द से जल्द करवाए सरकार। देवलुओं को राशन के बदले शिवरात्रि में नकद राशि दी जाए और लकड़ी की मात्रा बढ़ाई जाए। साथ ही देवताओं और बजंतरियों का 10 प्रतिशत नजराना बढ़ाया जाना चाहिए।