फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Devotees pay obeisance to Nishan Sahib at Dera Baba Badbhag Singh Mairi Una Himachal Pradesh

जो बोले सो निहाल के जयकारों के बीच निभाई गई निशान साहिब चढ़ाने की रस्म

Sun, 28 Mar 2021 07:05 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, अंब (ऊना)
अमर उजाला नेटवर्क, अंब (ऊना) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 28 Mar 2021 07:05 PM IST
सार

  • कोविड गाइडलाइन के अनुसार होली पर इस बार कम संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
  • श्रद्धालुओं ने निशान साहिब पर रुमाले, खिलौने और शृंगार की अन्य वस्तुएं बांधीं

विज्ञापन
Devotees pay obeisance to Nishan Sahib at Dera Baba Badbhag Singh Mairi Una Himachal Pradesh
डेरा बाबा बड़भाग सिंह जी मैड़ी होली मेले में निशान साहिब चढ़ाने की रस्म पर पहुंचे श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डेरा बाबा बड़भाग सिंह जी मैड़ी के धार्मिक स्थलों में जो बोले सो निहाल के जयकारों के साथ मैड़ी में पवित्र निशान साहिब चढ़ाने की रस्म अदा की गई। कोविड 19 गाइडलाइन के तहत होली मेला रद्द कर दिया गया है, लेकिन कोविड टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट के साथ श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों में आने की अनुमति है। 

विज्ञापन


रविवार को मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। डेरा बाबा बड़भाग सिंह जी बेरी साहिब, गुरुद्वारा मंजी साहिब, कुज्जासर और चरणगंगा में होली के मौके पर पवित्र निशान साहिब चढ़ाने से पहले निशान साहिब को पवित्र जल और दूध-दही से नहलाया और नया चोला पहनाया गया। हर साल होली के दिन मैड़ी में निशान साहिब चढ़ाने के दौरान एक लाख से अधिक श्रद्धालु होते हैं। इस बार यह संख्या कम रही।
विज्ञापन


संगत ने आस्था के मुताबिक निशान साहिब पर रुमाले, खिलौने और शृंगार की अन्य वस्तुएं बांधीं। जैसे-जैसे निशान साहिब चढ़ाया गया। होली पर क्षेत्र के धार्मिक स्थलों बेरी साहिब, गुरुद्वारा मंजी साहिब, कुज्जासर, चरण गंगा, मंदिर वीर नाहर सिंह में श्रद्धालुओं ने शीश नवाया और बाबा का आशीर्वाद लिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पवित्र निशान साहिब चढ़ाने के लिए चीड़ के पेड़ का लंबा डंडा बनाया जाता है। उसे दूध और जल से स्नान करवाया जाता है। इसके बाद इस पर झंडा लपेटा जाता है और हजारों श्रद्धालु इसके आगे नतमस्तक होकर इसे चढ़ाने की रस्म अदा करते हैं।


झंडा रस्म अदा करने से पहले निशान साहिब का पुराना चोला उतारा गया। इसकी कतरन पाने के लिए श्रद्धालु आतुर दिखी। माना जाता है कि निशान साहिब के पुराने चोले के कतरन घर में रखने से बुरी आत्माएं तंग नहीं करतीं। इससे घर में सुख-समृद्धि भी रहती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed