कुल्लू दशहरा में भाई-बहनों के मिलन को देखकर भावुक हुए श्रद्धालु
अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के लिए अठारह करड़ू की सौह में जिला भर से सैकड़ों देवी-देवता पहुंचे हुए हैं। यहां पर सदियों पुरानी परंपराओं का बखूबी निर्वहन हो रहा है। रिश्तों को निभाते हुए बुधवार को कहीं बहन से बहन तो कहीं बहन से मिलने भाई पहुंचा।
पीणी क्षेत्र की आराध्य माता भागासिद्ध और नरोगी की माता भागासिद्ध का भव्य मिलन हुआ। इसके बाद दोनों माताएं बिजली महादेव के शिविर की ओर चल पड़ी। बिजली महादेव घाटी के प्रमुख देवताओं में से एक है।
दशहरे में बिजली महादेव का अहम स्थान है। देवता भगवान रघुनाथ की रथयात्रा में दाईं ओर चलते हैं। माता भागासिद्ध को बिजली महादेव की बहन माना जाता है। नरोगी की भागासिद्ध और पीणी की माता भागासिद्ध ने अपने भाई बिजली महादेव से एक साल बाद मिलन किया।
श्रद्धालु इस भव्य नजारे को देखकर भावुक हो उठे। देवता भृगू ऋषि भी लाव लश्कर के साथ माता चामुंडा से मिलने के लिए उनके शिविर तक पहुंचे। दोनों भाई-बहनों का भव्य देवमिलन हुआ। देवता के बाद भाई, बहन ने अपने गूरों के माध्यम देवनीति के अनुसार कार्य करने का आदेश भी सुनाया।
जिला देवी-देवता कारदार संघ के महासचिव नारायण सिंह चौहान ने कहा कि देवी-देवताओं के भी आपस में रिश्ते हैं, जिन्हें वे इस युग में भी निभा रहे हैं। यह देवी-देवता आपस में आने वाली विपत्ति को लेकर भी मंत्रणा करते हैं और इसको लेकर पहले ही आगाह भी करते हैं।