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कार्यकारिणियां भंग होने पर भी कांग्रेस में नहीं थमा घमासान, एक-दूसरे पर चलाए शब्दबाण

Fri, 22 Nov 2019 10:26 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 22 Nov 2019 10:26 AM IST
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Despite the dissolution of the executive, the Congress did not stop the fight, read the whole matter
- फोटो : अमर उजाला

हिमाचल कांग्रेस की राज्य, जिला और ब्लाक कार्यकारिणियां भंग होने के दूसरे ही दिन नेताओं में खूब शब्दबाण चले। पार्टी अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने जहां अध्यक्ष पद बचने पर खुद ही अपनी पीठ थपथपाई, वहीं वीरभद्र और सुक्खू ने एक-दूसरे को जमकर घेरा। बयानबाजी से कांग्रेस नेताओं के मतभेद और मनभेद भी सार्वजनिक हो गए। 

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पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कार्यकारिणी भंग करने के फैसले का स्वागत करते हुए छह साल से की जा रही मांग के अब पूरा होने पर संतोष जताया तो कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वीरभद्र और कौल सिंह के समय में बने पार्टी पदाधिकारियों में से किसी को भी न हटाकर साथ लेकर चलने का ताना मारा।
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वीरभद्र ने अब नई कार्यकारिणी बनाने के लिए कुलदीप राठौर के कंधों पर बड़ी जिम्मेवारी आने की बात कहकर जहां उन्हें अपना आशीर्वाद दिया, वहीं सुक्खू ने राठौर द्वारा खुद की गई नियुक्तियों के रद्द होने के बावजूद अपनी कुर्सी बचने की खुशी जताने को दुखद बताया। उन्होंने लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस में नियुक्त पदाधिकारियों के प्रति सहानुभूति जताते हुए राठौर पर व्यंग भी किया।

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कार्यकारिणी न बदलने से कमजोर हुई कांग्रेस : वीरभद्र

Despite the dissolution of the executive, the Congress did not stop the fight, read the whole matter

गुरुवार को वीरभद्र और सुक्खू के शब्द बाणों ने बीते कुछ समय से शांत चल रही पुरानी जंग को दोबारा धार दे दी है। उधर, वीरवार को कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन शिमला में कार्यकारिणी भंग के बावजूद कई पदाधिकारियों ने राठौर के दफ्तर में हाजिरी भरी।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि कार्यकारिणी भंग होने का फैसला उचित समय में लिया गया सही कदम है। उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों से वह प्रदेश में पार्टी की मजबूती के लिए प्रदेश कार्यकारिणी को सही करने की बात करते रहे। उनकी इस बात को अनदेखा किया गया। यही कारण रहा कि प्रदेश में कांग्रेस कमजोर होती चली गई। 

वीरभद्र के समय के पदाधिकारी साथ चलाए: सुक्खू

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सुखविंद्र सुक्खू ने कहा कि मैंने अपने कार्यकाल के दौरान किसी भी पुराने पदाधिकारी को नहीं हटाया। वीरभद्र और कौल सिंह के समय बने पदाधिकारियों को साथ लेकर काम किया।

राठौर ने लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी में नियुक्तियां की। इसमें नौ महासचिव, सात उपाध्यक्ष, 23 सचिव और करीब 70 ब्लाक अध्यक्ष बनाए। ऐसे में राठौर का यह कहना कि उन्हें टीम बनाने का मौका नहीं मिला, समझ से परे है।

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