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Mukesh Agnihotri: हिमाचल में लागू करेंगे नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति, सरकार ने करवाई टेस्ट ड्राइव

Mon, 19 Dec 2022 09:20 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 19 Dec 2022 09:20 PM IST
सार

मुकेश ने कहा कि नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति लागू करने के लिए विभिन्न स्तरों पर चर्चा की जा रही है। शुरुआत में सचिवालय में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा। 

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Deputy cm Mukesh Agnihotri said Himachal taking steps towards reform in transport sector
इलेक्ट्रिक वाहनों की टेस्ट ड्राइव। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल में नवोन्वेषी विचारों के साथ नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद मंत्रिमंडल में यह मामला रखा जाएगा। बीते शनिवार को सरकार ने दो कंपनियों हुंडई और टाटा के इलेक्ट्रिक वाहनों की टेस्ट ड्राइव करवाई है। अधिकारियों ने इलेक्ट्रिक वाहनों के तकनीकी पहलुओं के बारे में जानकारी ली है।

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पहले चरण में सरकार की कसौटी पर खरा उतरने वाले करीब बीस इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे जाएंगे। ये पेट्रोल वाहनों को बदलेंगे। मुकेश ने कहा कि नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति लागू करने के लिए विभिन्न स्तरों पर चर्चा की जा रही है। शुरुआत में सचिवालय में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके बाद सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भी इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग किया जाएगा। 
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कहा कि परिवहन विभाग में अतिशीघ्र इलेक्ट्रिक वाहनों का बेड़ा शामिल होगा। परिवहन निदेशक को आवश्यक निर्देश दिए हैं। कंपनियों से संपर्क कर तकनीकी पहलुओं की जानकारी ले रहे हैं। पूर्व सरकार में भी मुख्यमंत्री के लिए विद्युत चालित वाहन दिया गया था। इसे बाद में सामान्य प्रशासन को सौंप दिया गया था। केंद्र से भी बातचीत की जाएगी।
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प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उचित मापदंडों के अनुसार चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। शुरुआती चरण में सचिवालय सहित विभिन्न सरकारी संस्थानों, प्रदेश से बाहर हिमाचल सदन एवं भवनों इत्यादि में भी यह सुविधा दी जाएगी। प्रधान सचिव परिवहन आरडी नजीम, निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

125 वोल्वो बसों के पंजीकरण, संचालन पर रिपोर्ट तलब
मुकेश ने कहा कि प्रदेश में एचआरटीसी के अलावा 125 वोल्वो बसें प्रतिदिन चल रही हैं। परिवहन विभाग से इनके पंजीकरण और संचालन की प्रक्रिया के बारे में रिपोर्ट मांगी है। परिवहन निगम में शून्य बुक वैल्यू के वाहन चरणबद्ध ढंग से विद्युत चालित वाहनों से बदले जाएंगे। निगम के हर रोज डेढ़ करोड़ रुपये के व्यय में भी कमी आएगी।

निगम को न लाभ, न घाटे की स्थिति में लाया जाएगा। कहा कि इलेक्ट्रिक बसें निगम के बेड़े में शामिल की जाएंगी। परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक बुलाई थी, जिसमें एचआरटीसी को भारी-भरकम घाटे की बात सामने आई है। इसे कम करने में यह नीति सार्थक सिद्ध होगी। वोल्वो बसों के बेड़े को भी सुदृढ़ करेंगे।

चिंतपूर्णी, बाबा बालक नाथ मंदिर को रोपवे से जोड़ने की तैयारी, तलाशी जाएंगी संभावनाएं

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समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री। - फोटो : अमर उजाला

उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि माता चिंतपूर्णी और बाबा बालक नाथ मंदिर को रोपवे से जोड़ने के लिए संभावनाएं तलाशी जाएंगी। उन्होंने इस दिशा में निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए। डिप्टी सीएम ने सोमवार को रोपवे एवं त्वरित परिवहन विकास निगम (आरटीडीसी) के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि शिमला रोपवे परियोजना विश्व की अपनी तरह की दूसरी और भारत में पहली परियोजना होगी। आरटीडीसी को पांच वर्षों में प्रत्येक जिले में कम से कम एक रोपवे विकसित करने के निर्देश दिए। 

उन्होंने निगम के कार्यान्वित की जा रहीं सभी परियोजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा की। कहा कि पहाड़ी इलाकों में एक किलोमीटर रोपवे लगभग 5.6 किलोमीटर सड़क दूरी के बराबर होता है। सरकार की पर्यावरण के अनुकूल, स्वच्छ और हरित परिवहन के इस साधन को बड़े पैमाने पर लागू करने की योजना है। कहा कि आरटीडीसी ने शिमला में इस परियोजना के लिए जमीनी स्तर पर कार्य शुरू कर दिया है।

पांच वर्षों में इस परियोजना का सुचारु रूप से संचालन शुरू करने के निर्देश दिए। इस परियोजना में 1546.40 करोड़ रुपये की लागत के साथ 15 स्टेशनों को जोड़ने वाले 14.69 किलोमीटर रोपवे का नेटवर्क होगा। सरकार धर्मशाला और मनाली के लिए इसी तरह की शहरी रोपवे परियोजनाओं को विकसित करने की योजना बना रही है।

उप मुख्यमंत्री ने आरटीडीसी को राज्य में ग्रामीण अधोसंरचना विकास निधि के तहत रोपवे विकास के लिए नाबार्ड के दिशा निर्देशों को तत्काल स्वीकृति के लिए मंत्रिमंडल की बैठक में लाने के निर्देश दिए। 329 असंबद्ध बस्तियों  और 250 से जनसंख्या से अधिक  को संपर्क सुविधा देने की दिशा में काम करने को कहा।

बैठक में प्रधान सचिव परिवहन आरडी नजीम, आरटीडीसी के निदेशक अजय शर्मा, आरटीडीसी के मुख्य महाप्रबंधक रोहित ठाकुर और निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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