{"_id":"673f24b8ff5be1be720ec4a3","slug":"dental-council-team-inspected-the-dental-college-shimla-news-c-19-sml1001-443788-2024-11-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: दंत परिषद की टीम ने किया \nडेंटल कॉलेज का निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: दंत परिषद की टीम ने किया डेंटल कॉलेज का निरीक्षण
विज्ञापन
कॉलेज में निरीक्षण कर जांची व्यवस्थाएं
कितने रिसर्च पेपर प्रकाशित हुए का रिकॉर्ड भी लिया
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजकीय दंत महाविद्यालय एवं चिकित्सालय शिमला का वीरवार सुबह भारतीय दंत परिषद की टीम ने निरीक्षण किया। अचानक से निरीक्षण पर टीम के आने से यहां पर कुछ देर के लिए हड़कंप मचा रहा।
बताया जा रहा है कि डेंटल कॉलेज में इन दिनों एमडीएस (मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी) की परीक्षाएं हो रही हैं। ऐसे में परीक्षा के दौरान परीक्षकों के साथ निरीक्षकों की टीम भी यहां आई है। भारतीय दंत परिषद (डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया) की ओर से भेजी इस टीम ने वीरवार सुबह दस से लेकर शाम चार बजे तक कॉलेज के पेरियोडोंटिक्स और पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग का निरीक्षण किया है। इसमें निरीक्षकों ने बीडीएस और एमडीएस प्रशिक्षुओं के लिए कितनी डेंटल चेयर उपलब्ध हैं की जांच की है। इसके अलावा इंप्लांट मशीन और महीने तथा एक साल में कितने मरीजों का उपचार होता है का रिकॉर्ड हासिल किया। इसके अलावा कॉलेज में कितने शिक्षक हैं, शिक्षकों के कितने रिसर्च पेपर प्रकाशित हुए का रिकॉर्ड लिया।
विज्ञापन
कितने रिसर्च पेपर प्रकाशित हुए का रिकॉर्ड भी लिया
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजकीय दंत महाविद्यालय एवं चिकित्सालय शिमला का वीरवार सुबह भारतीय दंत परिषद की टीम ने निरीक्षण किया। अचानक से निरीक्षण पर टीम के आने से यहां पर कुछ देर के लिए हड़कंप मचा रहा।
बताया जा रहा है कि डेंटल कॉलेज में इन दिनों एमडीएस (मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी) की परीक्षाएं हो रही हैं। ऐसे में परीक्षा के दौरान परीक्षकों के साथ निरीक्षकों की टीम भी यहां आई है। भारतीय दंत परिषद (डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया) की ओर से भेजी इस टीम ने वीरवार सुबह दस से लेकर शाम चार बजे तक कॉलेज के पेरियोडोंटिक्स और पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग का निरीक्षण किया है। इसमें निरीक्षकों ने बीडीएस और एमडीएस प्रशिक्षुओं के लिए कितनी डेंटल चेयर उपलब्ध हैं की जांच की है। इसके अलावा इंप्लांट मशीन और महीने तथा एक साल में कितने मरीजों का उपचार होता है का रिकॉर्ड हासिल किया। इसके अलावा कॉलेज में कितने शिक्षक हैं, शिक्षकों के कितने रिसर्च पेपर प्रकाशित हुए का रिकॉर्ड लिया।
विज्ञापन