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Shimla News: सरकार की बढ़ाई दिहाड़ी पर सैलरी नहीं दे रही कंपनी, कर्मचारी परेशान
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शहर की पेयजल व्यवस्था देख रहे कर्मचारियों को दस महीने के एरियर के लिए काटने पड़ रहे चक्कर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी की पेयजल व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे कर्मचारियों को सरकार की बढ़ाई दिहाड़ी का फायदा नहीं मिला है। पेयजल कंपनी के तहत ठेकेदार के अधीन काम कर रहे इन कर्मचारियों का दस महीने का एरियर भी जारी नहीं किया जा रहा है।
मजबूरन कर्मचारी ठेकेदार से लेकर कंपनी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। शहर में पेयजल व्यवस्था अब शिमला जल प्रबंधन निगम कंपनी संभाल रही है। पानी की आपूर्ति देने से लेकर लीकेज ठीक करने तक का जिम्मा ठेकेदार के अधीन रखे कर्मचारी देख रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले साल सरकार ने 25 रुपये दिहाड़ी बढ़ाई थी। ठेकेदार ने कर्मचारियों को सितंबर से यह बढ़ी हुई दिहाड़ी दी जबकि इसे अप्रैल से लागू किया जाना था। इसी तरह इस साल भी बढ़ी हुई दिहाड़ी अप्रैल की जगह सितंबर से लागू हो रही है। दोनों साल का करीब दस महीनों का एरियर अब न ठेकेदार दे रहा है और न ही कंपनी जारी कर रही है। दोनों इस मामले को एक-दूसरे पर डाल रहे हैं। ठेकेदार मुनीष कौशल का कहना है कि सितंबर से बढ़ी हुई दिहाड़ी के अनुसार ही कर्मचारियों को पैसा दिया जा रहा है। अप्रैल से जारी होने वाले एरियर की फाइल कंपनी को भेजी है। अभी कंपनी ने यह पैसा नहीं दिया है। पैसा मिलते ही कर्मचारियों को जारी कर दिया जाएगा। उधर, कंपनी के प्रबंध निदेशक वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि कंपनी के पास एरियर की कोई फाइल नहीं आई है। ठेकेदार को सारा पैसा जारी किया जा चुका है। अभी कोई एरियर लंबित नहीं है।
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी की पेयजल व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे कर्मचारियों को सरकार की बढ़ाई दिहाड़ी का फायदा नहीं मिला है। पेयजल कंपनी के तहत ठेकेदार के अधीन काम कर रहे इन कर्मचारियों का दस महीने का एरियर भी जारी नहीं किया जा रहा है।
मजबूरन कर्मचारी ठेकेदार से लेकर कंपनी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। शहर में पेयजल व्यवस्था अब शिमला जल प्रबंधन निगम कंपनी संभाल रही है। पानी की आपूर्ति देने से लेकर लीकेज ठीक करने तक का जिम्मा ठेकेदार के अधीन रखे कर्मचारी देख रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले साल सरकार ने 25 रुपये दिहाड़ी बढ़ाई थी। ठेकेदार ने कर्मचारियों को सितंबर से यह बढ़ी हुई दिहाड़ी दी जबकि इसे अप्रैल से लागू किया जाना था। इसी तरह इस साल भी बढ़ी हुई दिहाड़ी अप्रैल की जगह सितंबर से लागू हो रही है। दोनों साल का करीब दस महीनों का एरियर अब न ठेकेदार दे रहा है और न ही कंपनी जारी कर रही है। दोनों इस मामले को एक-दूसरे पर डाल रहे हैं। ठेकेदार मुनीष कौशल का कहना है कि सितंबर से बढ़ी हुई दिहाड़ी के अनुसार ही कर्मचारियों को पैसा दिया जा रहा है। अप्रैल से जारी होने वाले एरियर की फाइल कंपनी को भेजी है। अभी कंपनी ने यह पैसा नहीं दिया है। पैसा मिलते ही कर्मचारियों को जारी कर दिया जाएगा। उधर, कंपनी के प्रबंध निदेशक वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि कंपनी के पास एरियर की कोई फाइल नहीं आई है। ठेकेदार को सारा पैसा जारी किया जा चुका है। अभी कोई एरियर लंबित नहीं है।
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