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Shimla News: पारसदास गार्डन से कनलोग तक लाइटें लगवाने की मांग
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घने अंधेरे में आवाजाही से हादसे का खतरा
सड़क किनारे लाइटें न होने से बढ़ी लोगों की परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के बैम्लोई क्षेत्र में पारसदास गार्डन से कनलोग तक सड़क किनारे स्ट्रीट लाइटें नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। शाम ढलते ही सड़क के कई हिस्सों में घना अंधेरा छा जाता है। ऐसे में इस मार्ग से पैदल चलने वाले सैकड़ों लोगों में खासतौर पर बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंधेरे का फायदा उठाकर कुछ शरारती तत्व आए दिन लोगों के साथ मारपीट कर रहे हैं। इससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। लोगों के मुताबिक रात के समय सड़क किनारे नशेड़ियों का जमावड़ा भी लगा रहता है। वहीं घने अंधेरे के कारण जंगली जानवरों और तेंदुए के हमले का खतरा भी बना रहता है। स्थानीय निवासी एवं समाजसेवी सुभाष वर्मा, अनिल जसवाल, मोहनलाल शर्मा और श्यामलाल ने बताया कि स्ट्रीट लाइटों की समस्या को लेकर नगर निगम तथा बिजली बोर्ड को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पारसदास गार्डन से कनलोग तक स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएं ताकि रात के समय लोगों की आवाजाही सुरक्षित और सुगम हो सके। विद्युत उपमंडल छोटा शिमला के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर विपिन कश्यप ने बताया कि इस मार्ग पर पहले से दो स्ट्रीट लाइटें लगी हैं और वह ठीक हैं। नई स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए नगर निगम को विभाग के पास आवेदन भेजना होगा। आवेदन आने के बाद निगम की ओर से राशि जमा करवाते ही खंभे लगा दिए जाएंगे।
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सड़क किनारे लाइटें न होने से बढ़ी लोगों की परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के बैम्लोई क्षेत्र में पारसदास गार्डन से कनलोग तक सड़क किनारे स्ट्रीट लाइटें नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। शाम ढलते ही सड़क के कई हिस्सों में घना अंधेरा छा जाता है। ऐसे में इस मार्ग से पैदल चलने वाले सैकड़ों लोगों में खासतौर पर बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंधेरे का फायदा उठाकर कुछ शरारती तत्व आए दिन लोगों के साथ मारपीट कर रहे हैं। इससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। लोगों के मुताबिक रात के समय सड़क किनारे नशेड़ियों का जमावड़ा भी लगा रहता है। वहीं घने अंधेरे के कारण जंगली जानवरों और तेंदुए के हमले का खतरा भी बना रहता है। स्थानीय निवासी एवं समाजसेवी सुभाष वर्मा, अनिल जसवाल, मोहनलाल शर्मा और श्यामलाल ने बताया कि स्ट्रीट लाइटों की समस्या को लेकर नगर निगम तथा बिजली बोर्ड को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पारसदास गार्डन से कनलोग तक स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएं ताकि रात के समय लोगों की आवाजाही सुरक्षित और सुगम हो सके। विद्युत उपमंडल छोटा शिमला के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर विपिन कश्यप ने बताया कि इस मार्ग पर पहले से दो स्ट्रीट लाइटें लगी हैं और वह ठीक हैं। नई स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए नगर निगम को विभाग के पास आवेदन भेजना होगा। आवेदन आने के बाद निगम की ओर से राशि जमा करवाते ही खंभे लगा दिए जाएंगे।
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