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सीएम वीरभद्र मामले में हाईकोर्ट सख्त, लगाई फटकार

Tue, 05 Apr 2016 06:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 05 Apr 2016 06:02 PM IST
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 delhi high court hearing on cm virbhadra singh property case.
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह

आय से अधिक संपत्ति मामले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के वकील पेश न होने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि वीरभद्र को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट से राहत मिली हुई है और आप उसका आनंद ले रहे हैं।

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अदालत ने सुनवाई मंगलवार को तय करते हुए स्पष्ट कर दिया कि अब सुनवाई स्थगित नहीं की जाएगी। न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी के समक्ष मामले की सुनवाई तय थी। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के जूनियर ने पेश होकर कहा कि वे सर्वोच्च न्यायालय में व्यस्त हैं।
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ऐसे में सुनवाई स्थगित की जाए। अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आप स्वयं को मिले संरक्षण का आनंद ले रहे हैं। अदालत ने स्पष्ट कहा कि भविष्य में इस प्रकार के तर्क पर सुनवाई स्थगित नहीं की जाएगी। पहले भी कई बार सुनवाई स्थगित की जा चुकी है।

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अब हर हाल में होना होगा कोर्ट में पेश

 delhi high court hearing on cm virbhadra singh property case.
अदालत ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के अधिवक्ता को हर हाल में मंगलवार को पेश होने का निर्देश दिया है। - फोटो : file photo

अदालत ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के अधिवक्ता को हर हाल में मंगलवार को पेश होने का निर्देश दिया है। सीबीआई ने मुख्यमंत्री, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, एलआईसी एजेंट आनंद चौहान और एक सहयोगी चुन्नी लाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत 23 सितंबर 2015 को मामला दर्ज किया गया था।

आरोप है कि वर्ष 2009-2012 के दौरान जब वह केंद्रीय मंत्री थे, तो उन्होंने 6.03 करोड़ रुपये की संपत्ति आय से ज्यादा अर्जित की है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 1 अक्तूबर तक मामले में वीरभद्र सिंह की गिरफ्तारी, उनसे पूछताछ व मामले में आरोप पत्र दायर करने पर रोक लगा रखी है।

सीबीआई ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश में बदलाव के लिए याचिका दायर की है। सीबीआई का तर्क है कि इस आदेश से जांच में बाधा आ रही है। वहीं, वीरभद्र सिंह ने दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने के लिए याचिका दायर की हुई है। सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले को पिछले वर्ष नवंबर माह में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट स्थानांतरित कर दिया था, ताकि किसी भी विवाद से बचा जा सके।

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