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मनी लॉंड्रिंग मामले में सीएम वीरभद्र के बेटा-बेटी को बड़ी राहत

Wed, 27 Apr 2016 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 27 Apr 2016 12:06 AM IST
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 Delhi High Court give big relief to CM virbhadra's son and daughter in money laundering case.
दिल्‍ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे व बेटी की संपत्ति जब्त करने के मामले में उन्हें बड़ी राहत दी है। - फोटो : अमर उजाला

दिल्‍ली हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे व बेटी की संपत्ति जब्त करने के मामले में उन्हें बड़ी राहत दी है। हालांकि, संपत्ति जब्ती संबंधी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निर्णय को फिलहाल बहाल रखा है लेकिन उसके बाद की जाने वाली कार्रवाई पर रोक लगा दी है।

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अदालत ने यह फैसला वीरभद्र सिंह की बेटी अपराजिता कुमार व विक्रमादित्य सिंह की याचिका पर दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 18 जुलाई तय की है। दोनों पक्षों को मुख्य याचिका पर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायमूर्ति जी रोहिणी और न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ ने मंगलवार को दिए अपने अंतरिम फैसले में कहा कि इस मामले में अभी आरोप पत्र दायर नहीं हुआ है।
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याची का नाम भी पहले से दर्ज प्राथमिकी में नहीं था। ऐसे में ईडी का संपत्ति जब्ती संबंधी निर्णय तो बहाल रहेगा, लेकिन उसके बाद की जाने वाली कार्रवाई पर रोक रहेगी। खंडपीठ ने यह भी कहा कि वे याचिका में संपत्ति जब्ती संबंधी प्रोविजनल आदेश पर उठाए गए मुद्दों पर विचार करेंगे।

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ईडी ने जब्त की है संपत्ति, यहां जानिए पूरा मामला

 Delhi High Court give big relief to CM virbhadra's son and daughter in money laundering case.
वीरभद्र के बेटे-बेटी दोनों ने ईडी द्वारा मनी लॉंड्रिंग मामले में उनकी संपत्ति जब्त करने के फैसले को चुनौती दी है।

इससे पहले दोनों के अधिवक्ता ने कहा कि मनी लॉंड्रिंग मामले में उनके मुवक्किलों का नाम न होने के बावजूद ईडी ने संपत्ति जब्त की है। यह निर्णय बदनियती व कानून के खिलाफ है। बता दें कि ईडी ने अपराजिता की करीब 15.85 लाख रुपये की अचल संपत्ति व विक्रमादित्य की तकरीबन 62.80 लाख रुपये की संपत्ति को जब्त किया है। संपत्ति जब्ती के बाद ईडी को 180 दिनों में संबंधित निर्णायक प्राधिकरण के पास शिकायत दायर करनी होती है। अदालत के आदेशानुसार, अब ईडी यह कार्रवाई नहीं कर पाएगा।  

ये है मामला
वीरभद्र के बेटे-बेटी दोनों ने ईडी द्वारा मनी लॉंड्रिंग मामले में उनकी संपत्ति जब्त करने के फैसले को चुनौती दी है। याचिका में कहा गया है कि ईडी का आदेश गलत तरीके से जारी किया गया है।

इसके अलावा दोनों ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 5 (1) में हाल ही में किए गए संशोधन को भी चुनौती दी है। याची ने कहा कि यह विरोधाभासी है और संविधान का उल्लंघन है। याचिका में ईडी द्वारा पीएमएलए के तहत 23 मार्च 2016 को जारी प्रोविजनल जब्त आदेश को निरस्त करने की मांग भी की गई है।

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