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दिल्ली हाईकोर्ट ने इस स्कूल की मान्यता रद्द करने पर लगाई रोक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऊना
Updated Thu, 26 Jul 2018 01:12 PM IST
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बहुचर्चित सीबीएसई पेपर लीक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने स्थानीय डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल को राहत देते हुए स्कूल की मान्यता रद्द करने संबंधी सीबीएसई बोर्ड के फैसले पर रोक लगा दी है। अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद इस मामले में स्टे ऑर्डर जारी किए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में पुलिस की जांच में संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य की किसी तरह की संलिप्तता सामने नहीं आई है।
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चूंकि, बोर्ड की ओर से प्रधानाचार्य की बतौर परीक्षा अधीक्षक ड्यूटी लगाई गई थी, जिसे प्रिंसिपल ने संबंधित केंद्र में उनके बेटे द्वारा परीक्षा देने के चलते खुद को इस जिम्मेदारी के लिए अयोग्य बताया। साथ ही लेक्चरर राकेश शर्मा को यह प्रभार सौंपा। इसे बाकायदा बोर्ड ने अनुमति प्रदान की थी। डीएवीसीपीएस की लोकल मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य एवं कानूनी सलाहकारी अधिवक्ता संजीव फांडा ने प्रेस को अदालत के स्टे ऑर्डर की प्रति दिखाते हुए बताया कि स्कूल ने इस संबंध में याचिका दायर की थी।
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इस पर दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश सिद्धार्थ मृदुल जे ने स्टे ऑर्डर दिया है। उन्होंने बताया कि अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि स्कूल के कर्मचारी राकेश शर्मा की ओर से किए गए अपराध को संबंधित स्कूल या स्कूल में अध्ययनरत छात्रों से नहीं जोड़ा जा सकता है।
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अदालत ने कहा कि स्कूल पर सीबीएसई बोर्ड की कार्रवाई प्रथम दृष्टया पूर्वाग्रह से संबंधित प्रतीत होती है, जिससे स्कूल की छवि पर असर पड़ा है। इस मौके पर स्कूल प्रधानाचार्य अतुल महाजन तथा एलएमसी के वाइस चेयरमैन बलविंद्र सिंह मौजूद रहे।
यह है मामला- पिछले दिनों सीबीएसई जमा दो और मैट्रिक की परीक्षा के दौरान स्कूल के एक प्रवक्ता की जेएनवी पेखुवेला में बतौर परीक्षा केंद्र में ड्यूटी लगी थी, जिसने स्कूल के अन्य दो कर्मचारियों की मदद से बैंक की चेस्ट से पेपर लीक प्रकरण को अंजाम दिया था। इन कर्मचारियों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, जिन पर कानूनी कार्रवाई चल रही है।