आरटीआई की सूचना देने में कोताही, अधीक्षक को ठोका मुआवजा
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राज्य सूचना आयोग ने आरटीआई की सूचना देने में कोताही के मामले में तहसील कार्यालय के एक अधीक्षक को दंडित किया है। आयोग ने तहसील कार्यालय नादौन के अधीक्षक पर मुआवजा ठोका है। आरटीआई आवेदक को सूचना एकत्र करने में नुकसान पर 3000 रुपये देने को कहा गया है। जनसूचना अधिकारी ने तो आरटीआई आवेदन मिलने की सूचना को न तो डायरी में नोट किया और न ही इस पर कार्रवाई की है।
आयोग ने एसडीएम हमीरपुर को भी इस पूरे मामले की जांच कर उपयुक्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। यह फैसला राज्य सूचना आयुक्त सुशील चंद्र श्रीवास्तव ने सुनाया है। आयोग ने पाया कि जनसूचना अधिकारी ने आरटीआई की दरख्वास्त को कैजुअल तरीके से डील किया, जिससे आवेदक की अनावश्यक प्रताड़ना हुई।
इससे आरटीआई में सूचना लेने की प्रक्रिया में आवेदक पर आर्थिक भार भी पड़ा है। आयोग ने तहसील कार्यालय नादौन के अधीक्षक को आदेश दिए हैं कि वह एक हफ्ते के भीतर आवेदक को 3000 रुपये का मुआवजा दें। इस बारे में आयोग ने अनुपालना की रिपोर्ट भी मांगी है।
आरटीआई दरख्वास्त के नहीं प्राप्त होने का मामला ग्राम पंचायत कोहला के सचिव की ओर से अधीक्षक तहसील कार्यालय नादौन को भेजा गया है। आयोग ने एसडीएम हमीरपुर को मामले की जांच करने और उपयुक्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। आयोग ने इस तरह की कैजुअल अप्रोच का गंभीर नोटिस लिया और अधीक्षक को भविष्य में अधिक सतर्क रहने की चेतावनी दी।