Giloy: लू से बचा सकता है गिलोय का काढ़ा और रस, मंडी कॉलेज की बॉटनी विशेषज्ञ ने 10 लोगों पर किया प्रयोग
गिलोय आयुर्वेद में महत्वपूर्ण औषधि है। इसके कई लाभों में से एक है, इसका शीतल प्रभाव।
विस्तार
प्रचंड गर्मी और लू से बचने के लिए गिलोय का काढ़ा, सीरा, पेस्ट और रस बेहतर उपाय है। यह शरीर के बाहर और अंदर की गर्मी को संतुलित रखने में कारगर है। इस बात को राजकीय वल्लभ महाविद्यालय मंडी की वनस्पति विज्ञान की प्रो. तारा सेन ने प्रमाणित किया है। उन्होंने 10 लोगों को गर्मी में गिलोय का काढ़ा, सीरा और रस प्रयोग करने के लिए कहा। इनमें से पांच ने बताया कि इसका सेवन इतना ठंडा है कि उन्हें सर्दी भी हो गई। प्रो. तारा सेन ने कहा कि गिलोय को सही मात्रा में प्रयोग करना होता है, ताकि इसका कोई बुरा प्रभाव शरीर पर न पड़े।
गिलोय का रस अगर त्वचा पर लगा लें तो चाहे बाहर कितनी भी गर्मी हो, यह त्वचा को जलने नहीं देगा। यह उपाय उन लोगों के लिए कारगर है जो तेज गर्मी में बाहर काम करने जाते हैं और धूप में रहना उनकी मजबूर होती। बता दें कि गिलोय आयुर्वेद में महत्वपूर्ण औषधि है। इसके कई लाभों में से एक है, इसका शीतल प्रभाव। गिलोय का उपयोग शरीर के तापमान को नियंत्रित करने और बुखार को कम करने के लिए किया जाता है। गिलोय का रस या इसका पेस्ट त्वचा पर लगाने से ठंडक का अनुभव होता है, जिससे त्वचा की जलन और दाने कम होते हैं। गिलोय का प्रभाव बहुत ठंडा होता है और शरीर को शीतलता देता है।
सीरा, पाउडर रस, पेस्ट बाजार में उपलब्ध
बता दें कि गिलोय का सीरा, हलवा और पाउडर पेस्ट एवं रस आसानी से उपलब्ध हो जाता है। मंडी में कई स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं भी अब गिलोय के उत्पाद बनाकर बेच रही हैं। प्रो. तारा सेन ने बताया कि गिलोय को प्रयोग करने का सबसे आसान तरीका इसे सुखाने के बाद प्रति व्यक्ति के हिसाब से इसका पाउडर चम्मच का एक चौथाई हिस्सा खाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।