Chamyana Hospital Road: चमियाना अस्पताल की सड़क पर जगह-जगह मलबे के ढेर, भूस्खलन से पेड़ों के गिरने का खतरा
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना जाने के लिए मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल तक पहुंचने के लिए आईजीएमसी से लेकर अस्पताल तक साइन बोर्ड नहीं है।
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सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना में प्रदेश सरकार आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवा रही हैं, लेकिन कच्ची और तंग सड़क होने के कारण यहां एचआरटीसी बस सेवाएं शुरू नहीं कर पा रहा है। इसका खामियाजा प्रदेशभर से यहां जांच करवाने के लिए आने वाले मरीजों को झेलना पड़ रहा है। हालत है कि ढाई किलोमीटर से भी कम लंबाई वाले इस मार्ग पर जगह-जगह मलबे के ढेर लगे हैं। पहाड़ी की तरफ से कटिंग के कारण कई पेड़ गिरने की कगार पर हैं, जिससे भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। ऐसे अगर भारी बारिश होती है, तो मार्ग के अवरुद्ध होने की आशंका भी बनी हुई है। वहीं मंगलवार को भी एचआरटीसी बस के ट्रायल के दौरान मार्ग तंग होने के कारण कई जगह पर फंसी। ऐसी स्थिति में हादसे का खतरा भी बना रहता है।
बारिश के दौरान कच्ची सड़क पर कीचड़ होने से भी वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। एचआरटीसी के मुताबिक मंगलवार को ट्रायल के बाद बस चलाने में आने वाली समस्याओं से संबंधित विभाग को अवगत करवाने का फैसला लिया गया है। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तक निजी वाहनों से पहुंचने वाले लोगों को भी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। इसकी वजह यह है कि अस्पताल तक पहुंचने के लिए आईजीएमसी से लेकर अस्पताल तक साइन बोर्ड नहीं है। इससे लोगों को अस्पताल तक पहुंचने में खासी दिक्कतें आ रही हैं। दूसरे जिलों और दूरदराज क्षेत्र से आने वाले मरीज लोगों को पूछते हुए किसी तरह से अस्पताल पहुंच रहे हैं। हालत यह है कि भट्ठाकुफर से अस्पताल के लिए वाइफिरकेशन होने वाले स्थान पर एकमात्र साइन बोर्ड लगाया है, लेकिन वह भी आधा फट चुका है। लोगों ने सरकार और संबंधित विभाग से आईजीएमसी से लेकर संजौली, ढली बाईपास, ढली टनल के पास साइन बोर्ड स्थापित करने की मांग की है, जिससे लोगों को अस्पताल पहुंचने में आसानी हो सके।
सड़क बसें चलाने के लिए पर्याप्त: वर्मा
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीण वर्मा ने बताया कि सड़क बस चलाने के लिए पर्याप्त है। सड़क के लिए चार करोड़ रुपये का टेंडर एक साल पहले किया जा चुका है। बरसात होने के कारण अभी मार्ग की मेटलिंग नहीं हो सकती। बरसात खत्म होते ही यह कार्य पूरा कर दिया जाएगा। एचआरटीसी से बस चलाने में आ रही दिक्कतों को लेकर किसी भी प्रकार की आपत्तियों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। एनएचएआई के अधीन आने वाले 400 मीटर हिस्से की हालत सुधारने के लिए भी पत्राचार किया है।