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Himachal CPS Case: हिमाचल हाईकोर्ट में सीपीएस की नियुक्तियों के संवैधानिक दर्जे पर बहस
Mon, 20 May 2024 08:21 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Mon, 20 May 2024 08:21 PM IST
सार
सोमवार को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में सीपीएस की नियुक्तियों के संवैधानिक दर्जे पर सुनवाई हुई।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में सोमवार को सीपीएस की नियुक्तियों के संवैधानिक दर्जे पर सुनवाई हुई। अब अदालत मंगलवार को 2016 में पीपल फॉर रिस्पांसिबल की ओर से दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करेगी।
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न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश विपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दलीलें पेश कीं। उन्होंने अदालत को बताया कि अगर यह कानून गलत होता तो भाजपा सरकार रहते हुए कानून क्यों नहीं बदला गया।
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सीपीएस की सारी सुख-सुविधाएं लेने के बाद आज भाजपा अदालत में याचिकाकर्ता बनकर आई है। उन्होंने सीपीएस कानून की वैधता को जायज बताया। दवे ने अदालत को बताया कि हिमाचल में जो सीपीएस कानून 2006 बनाया गया है वो असम और मणिपुर से अलग है। हिमाचल में सीपीएस को मंत्री वाले कोई भी अधिकार नहीं दिए जा रहे हैं। इस मामले में सरकार अब बुधवार को अपना पक्ष पेश करेगी।
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