शिमला। सुन्नी में जूनियर टीमेट की करंट लगने से हुई मौत के मामले की विभागीय जांच पूरी हो गई है। जांच कमेटी ने रिपोर्ट विद्युत बोर्ड सर्कल कार्यालय को सौंप दी है। पूरे घटनाक्रम में सुन्नी मंडल के ढढयोग सेक्शन की लापरवाही सामने आई है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक हादसे के दिन मौसम खराब था। इस स्थिति में मरम्मत कार्य से पहले लाइन को अर्थ करना जरूरी था। ऐसा नहीं किया गया था। लाइन को अर्थ किया गया होता तो हादसा टल सकता था। रिपोर्ट में मौसम खराब होने के चलते बिजली गिरने के कारण लाइन में करंट आने का भी हवाला दिया गया है।
कमेटी ने मामले में छह कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। अधीक्षण अभियंता लोकेश ठाकुर ने बताया कि जांच कमेटी ने मामले की रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट का विश्लेषण किया जा रहा है। इसमें जिस स्तर पर भी लापरवाही होगी। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 24 मई को मंडी जिले के खेमिंद्र (26) पुत्र प्रेम लाल, गांव थली, तहसील करसोग की ड्यूटी के दौरान करंट लगने से मौत हो गई थी। ढढयोग-घैणी एचटी लाइन में तकनीकी खराबी आने पर जूनियर टीमेट खेमिंद्र फोरमेन और लाइनमैन मरम्मत कार्य के लिए गए थे। इसी दौरान खेमिंद्र बिजली के खंभे से नीचे गिर गया। उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच के मुताबिक खेमिंद्र की करंट लगने से मौत हुई है। खेमिंद्र 2019 से बोर्ड में सेवाएं दे रहा था।