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बोलने-सुनने में असमर्थ बच्चों की सफल सर्जरी
ब्यूरो/अमर उजाला, कांगड़ा
Updated Mon, 21 Sep 2015 12:07 PM IST
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डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में तीन बच्चों में कॉकलियर इंप्लांट किया गया है। इसके साथ ही इस तरह की सफलतापूर्वक सर्जरी करने वाला हिमाचल उत्तरी भारत का तीसरा राज्य बन गया है। टांडा में तीन से 18 सितंबर तक पैदायशी बोलने और सुनने में असमर्थ तीन बच्चों की सर्जरी की गई।
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यह सर्जरी ईएनटी विभाग के डॉ. मुनीष सरोच, निश्चेतन विभाग से डा. शैली राणा, डॉ. सुदर्शन, डॉ. जय सिंह, डॉ. चित्रा और डॉ. वर्षा के संयुक्त तत्वाधान में की गई। डॉ. मनीष सरोच ने बताया कि कॉकलियर सर्जरी में उपयोग में लाया जाने वाला इंप्लांट अमेरिका निर्मित है। इस इंप्लांट की कीमत लगभग साढ़े छह लाख है।
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प्रदेश सरकार की ओर से किए गए टेंडर के बाद यह उपकरण पांच लाख 35 हजार रुपये में लिया जा रहा है और दो साल से कम उम्र के बच्चों के लिए यह इंप्लांट निशुल्क डाला जा रहा है। सर्जरी के बाद बच्चा कुछ समय के अंतराल के बाद बोलना और सुनना शुरू हो जाता है। यह उपकरण चंडीगढ़ या दिल्ली के सिवा कहीं नहीं डाला जा रहा है।
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ऐसे में टांडा में इसे इंप्लांट करने के बाद हिमाचल उत्तरी भारत का ऐसा तीसरा राज्य बन गया है। डा. सरोच ने कहा कि ऐसा उपकरण 94 साल तक की उम्र के व्यक्तियों को डाला जा सकता है। टांडा में जल्द ही कॉकलियर इंप्लांट के तीन और ऑपरेशन किए जाएंगे। उधर, सफल सर्जरी के लिए कॉलेज के प्राचार्य डा. अनिल चौहान ने टीम को बधाई दी है। डा. सरोच ने बताया कि इसके लिए विभागाध्यक्ष डा. एसएस डोगरा का पूरा सहयोग मिलता रहा।