बेटियों ने दिया पिता की अर्थी को कंधा
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आईमा गांव में पिता की अर्थी को जब चार बेटियों ने कंधा दिया तो हर किसी की आंख भर आई। बेटियों को बोझ समझने वालों के लिए यह एक बड़ी नसीहत है। बेटियों ने जो किया वह बेटे भी कम ही कर पाते हैं।
हर कोई सोचने पर मजबूर था कि बेटियों को कम आंकना बड़ी भूल है। बेटियां भी बेटों की तरह हर फर्ज अदा कर सकती हैं। रविवार को आईमा गांव में रिटायर कर्नल करतार चंद औहरी (85) का निधन हुआ।
शिक्षक बेटी ने दी मुखाग्नि
उनकी चार बेटियां हैं, जबकि बेटा कोई नहीं है। चारों बेटियों ने पिता की अर्थी को कंधा देकर अपना फर्ज ही अदा नहीं किया, बल्कि बेटी होने का गौरव भी हासिल किया।
घुग्घर नाला मंदिर शमशानघाट पर जब कर्नल की शिक्षक बेटी अंजू ने मुखाग्नि दी तो माहौल गमगीन हो गया।
शमशानघाट में हर किसी की आंख में आंसू भर आए। कर्नल औहरी को सांसद शांता कुमार समेत सैकड़ों लोगों ने श्रद्धांजलि दी।