सावधान! खतरनाक हैं हिमाचल की ये सड़कें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल की सड़कों पर सफर खतरे से खाली नहीं है। प्रदेश में कई सड़कें सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं हैं। कहीं सड़कों की चौड़ाई कम है तो कहीं पुल संकरे हैं। कई जगह मोड़ भी ठीक नहीं बने हैं।
प्रदेश की 17 सड़कों का निरीक्षण करने के बाद स्टेट नोडल रोड सेफ्टी ऑडिटर ने सड़क सुरक्षा पर कई सवाल खड़े किए हैं। राज्य सरकार को सौंपी रिपोर्ट में कहा है कि सड़कों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण साल दर साल दुघर्टनाओं का ग्राफ बढ़ रहा है।
हिमाचल में इस साल ही अभी तक सड़क दुर्घटनाओं में 570 लोगों की जान जा चुकी है। पिछले महीने चंडीगढ़-मनाली हाईवे की रिपोर्ट सौंपने के बाद अब रोड सेफ्टी ऑडिटर ने प्रदेश की 17 और सड़कों का निरीक्षण किया है।
इन सड़कों की हालत बेहद खराब
इनमें 4 नेशनल हाईवे, 6 राज्यमार्ग व 7 प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनीं सड़कें शामिल हैं। निरीक्षण के बाद रिपोर्ट में कहा गया है कि शहरों के साथ लगती सड़कें कुछ हद तक ठीक हैं, लेकिन एक किलोमीटर के बाद सड़कों की स्थिति ठीक नहीं है।
कई सड़कों पर वाहनों को पास देने तक की जगह नहीं है। सड़क बनाते समय नालियों पर भी ध्यान नहीं दिया गया है। सड़कों के शोल्डर मेंटेन नहीं किए गए हैं। इससे गाड़ियां पलटने की अधिक संभावना है। मोड़ पर क्रैश बैरियर नहीं लगे हैं। कई ब्लैक स्पॉट पर चेतावनी बोर्ड तक नहीं हैं। रिपोर्ट में कहा है कि सड़कें बनाने के साथ रोड सेफ्टी पर भी राशि खर्च करने की जरूरत है।
पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर नरेश शर्मा का कहना है कि स्टेट नोडल रोड सेफ्टी ऑडिटर की ओर से सड़कों पर सुरक्षा में खामियों का पत्र मिला है। सड़क सुरक्षा को लेकर जो आपत्तियां उठाई हैं, उन्हें ठीक किया जा रहा है।