{"_id":"62cae4b4e32ab058df0617b9","slug":"dam-water-released-without-intimation-twenty-thousand-trout-fish-found-dead","type":"story","status":"publish","title_hn":"Trout fish farm: बिना पूर्व सूचना के परियोजना ने बांध से छोड़ दिया पानी, 20 हजार मछलियों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Trout fish farm: बिना पूर्व सूचना के परियोजना ने बांध से छोड़ दिया पानी, 20 हजार मछलियों की मौत
Sun, 10 Jul 2022 08:12 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, न्यूली (कुल्लू)
संवाद न्यूज एजेंसी, न्यूली (कुल्लू)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 10 Jul 2022 08:12 PM IST
सार
फार्म के संचालक गोविंद ठाकुर ने कहा कि गत शनिवार को दोपहर बाद बांध के लेवल से ऊपर का पानी नाले में छोड़ा गया। मिट्टी और मलबे से भरा पानी फार्म में घुसा। इससे फार्म के आठ टैंकों में तैयार हजारों मछलियां मर गईं।
विज्ञापन
हजारों मछलियों की मौत।
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिला कुल्लू की सैंज घाटी में भारी बारिश के बाद नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। गत शनिवार को भी बारिश के चलते निजी परियोजना प्रबंधन ने बिना पूर्व सूचना बांध से पानी छोड़ दिया। इसके चलते ग्रेट हिमालयन ट्राउट फिश फार्म की 20,000 मछलियां मर गईं। घाटी के विभिन्न क्षेत्रों में पानी छोड़े जाने के कारण लोगों की परेशानियां भी बढ़ीं। लोगों ने घर से निकलकर सुरक्षित स्थान पर जाकर जान बचाई। घाटी वासियों ने परियोजना पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
फार्म के संचालक गोविंद ठाकुर ने कहा कि गत शनिवार को दोपहर बाद बांध के लेवल से ऊपर का पानी नाले में छोड़ा गया। मिट्टी और मलबे से भरा पानी फार्म में घुसा। इससे फार्म के आठ टैंकों में तैयार हजारों मछलियां मर गईं। ग्रामीण जगन्नाथ ने कहा कि परियोजना प्रबंधन ने पानी बिना सूचना से छोड़ा है। नाले में बढ़े जलस्तर के कारण उन्हें अपने परिवार समेत घर से निकलकर सुरक्षित जगह पर जाना पड़ा।
विज्ञापन
ग्राम पंचायत देवगढ़ गोही के प्रधान केशव राम ठाकुर, ग्रामीण आकाश, हरभजन सिंह ने सरकार और प्रशासन से परियोजना के अधिकारियों पर बिना पूर्व सूचना के बांध से पानी छोड़ने पर कार्रवाई करने की मांग की है। परियोजना प्रबंधन के महाप्रबंधक सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि मामला उनके ध्यान में नहीं है। बांध प्रबंधन अधिकारी ही इसकी देखरेख करते हैं।
विज्ञापन