एक साथ ब्रेकफास्ट करेंगे ओबामा और दलाईलामा
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वॉशिंगटन में 5 फरवरी को प्रेयर ब्रेकफास्ट के दौरान ओबामा और दलाईलामा एक ही हाल में एक साथ होंगे। दोनों एक साथ ब्रेकफास्ट भी करेंगे। हालांकि दोनों के बीच मीटिंग होगी या नहीं यह अभी पुख्ता नहीं हो पाया है। दलाईलामा के निजी सचिव चिमी रिगजिन का कहना है कि वॉशिंगटन में 5 फरवरी को प्रेयर ब्रेकफास्ट के दौरान ओबामा और धर्मगुरु दलाईलामा के बीच बैठक होगी या नहीं इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता।
लेकिन ओबामा और दलाईलामा प्रेयर ब्रेकफास्ट के दौरान एक ही हाल में मौजूद रहेंगे। यहां दोनों ब्रेकफास्ट भी लेंगे लेकिन मुलाकात को लेकर अभी कुछ भी पुख्ता नहीं है। ओबामा और दलाईलामा के बीच प्रस्तावित मीटिंग को लेकर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। ऐसे में माना जा रहा है कि इसलिए अभी तक दोनों के बीच होने वाली प्रस्तावित मीटिंग के बारे में पुष्टि नहीं की जा रही है।
उधर, ओबामा और दलाईलामा के बीच प्रस्तावित बैठक को लेकर चीन की ओर से जताए गए विरोध को निर्वासित तिब्बतियन संसद मैकलोडगंज ने महज ड्रामा करार दिया है। निर्वासित तिब्बतियन संसद का कहना है कि चीन इससे पहले भी इस तरह की हरकत कर चुका है।
चीन ने जताई है नाराजगी
निर्वासित तिब्बतियन संसद के अध्यक्ष पेंपा सेरिंग ने कहा कि चीन दलाईलामा को हमेशा संदिग्ध और अलगाववादी मानता है। विश्व में कहीं भी बड़े राजनेताओं के साथ जब धर्मगुरु दलाईलामा की बैठक होती है तो चीन असहज हो जाता है। हमारे लिए यह कोई नई बात नहीं है। चीन ऐसा पहले से ही करता आया है। हालांकि, दलाईलामा और ओबामा के बीच मीटिंग होगी या नहीं, इसके बारे में वह निश्चित नहीं हैं।
उनके खुद के अनुभव के अनुसार चीन के काम करने का तरीका पिछले बीस वर्षों में बदला है। उन्होंने कहा कि चीन की कूटनीति वास्तव में दूसरों के लिए एक बैल की तरह होती है। निर्वासित संसद के सांसद करमा येशी ने चीन की प्रतिक्रिया की निंदा की है। उन्होंने कहा कि चीन दूसरे देशों पर तानाशाही नहीं झाड़ सकता है।