DA केस: सुप्रीम कोर्ट पहुंचे वीरभद्र सिंह, दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती
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आय से अधिक संपत्ति के मामले में दर्ज एफआईआर को निरस्त कराने के लिए हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने इस मामले को राजनीतिक साजिश बताया है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने वीरभद्र को किसी तरह की राहत देने से इंकार कर दिया था।
वीरभद्र ने गत 31 मार्च के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश को गलत बताते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने की गुहार लगाई है। याचिका में कहा गया है कि केंद्र में सरकार बदलने से सीबीआई के सुर भी बदल गए हैं।
एफआईआर निरस्त करने की गुहार
दिल्ली हाईकोर्ट ने न केवल वीरभद्र और उनकी पत्नी के खिलाफ आय से अधिक मामले में दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की गुहार ठुकरा दी थी, बल्कि हिमाचल हाईकोर्ट द्वारा उनकी गिरफ्तारी और बिना अदालत की अनुमति चार्जशीट दाखिल करने पर लगी रोक भी हटा ली थी।
इसके अगले ही दिन सीबीआई ने वीरभद्र और उनकी पत्नी समेत कई अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी थी। गत 23 सितंबर 2015 को सीबीआई ने वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम
की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। वीरभद्र पर वर्ष 2009 से 2012 के बीच केंद्रीय इस्पात मंत्री रहने के दौरान छह करोड़ रुपये की संपत्ति बनाने का आरोप हैं। वीरभद्र का कहना है कि इस मामले में उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है। उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।