DA केस: सीएम वीरभद्र सिंह को बड़ी राहत, CBI कोर्ट ने दी जमानत
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आय से अधिक संपत्ति मामले में घिरे हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को बड़ी राहत मिली है। सीबीआई की पटियाला हाउस कोर्ट ने वीरभद्र सिंह की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें सशर्त जमानत दे दी है।
अदालत ने वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी और मामले से जुड़े बाकी लोगों को भी जमानत दी है। सोमवार दोपहर अदालत ने अपना फैसला सुनाते ह़ुए सीबीआई को भी आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए है।
केस से जुड़े सभी आरोपियों को एक एक लाख के निजी मुचलके पर जमानत मिली है। इसके अलावा वीरभद्र सिंह अदालत की अनुमति के बिना विदेश भी नहीं जा सकेंगें। उन्हें अपना पासपोर्ट भी अदालत में जमा करवाना होगा मामले की अगली सुनवाई अब 27 जुलाई को होगी।
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#FLASH CBI court grants bail to all accused including HP CM Virbhadra Singh and his wife in Disproportionate Assets matter
जमानत का विरोध कर रही थी सीबीआई, दी थी ये दलीलें
वहीं, सीबीआई सीएम वीरभद्र सिंह को जमानत न देने के पक्ष में थी। सोमवार सुबह सीबीआई की विशेष अदालत में इस मामले पर सुनवाई हुई जिसमें सीबीआई ने कहा था कि वीरभद्र सिंह को जमानत नहीं मिलनी चाहिए।
सुबह हुई सुनवाई के समय कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सीबीआई ने अपनी दलीलें देते हुए कोर्ट में कहा था कि वीरभद्र सिंह राज्य के मुखिया है और वह भ्रष्टाचार के मामले में संलिप्त है।
उन्हें मेडिकल ग्राउंड पर रियायत देते हुए जमानत नहीं मिलनी चाहिए। सीबीआई ने वीरभद्र सिंह के खिलाफ अदालत में कुछ और दलीलें भी रखीं थी।
यहां जानिए ये है पूरा मामला
पटियाला हाउस कोर्ट ने 22 मई को मुख्यमंत्री की दाखिल जमानत याचिका पर सीबीआई को जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया था। अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर यह पूछा था कि क्यों न वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सहित अन्य आरोपियों को जमानत दे दी जाए।
सीबीआई ने वीरभद्र सिंह पर पर बतौर केंद्रीय मंत्री रहते हुए 10 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। यह राशि उनकी घोषित आय से 192 प्रतिशत अधिक पाई गई।
मामले में मुख्यमंत्री उनकी पत्नी प्रतिभा, एलआईसी एजेंट आनंद चौहान, सहयोगी चुन्नी लाल, जोगिंद्र सिंह, प्रेमराज, लवन कुमार रोच, वाकामुल्ला चंद्रशेखर और राम प्रकाश भाटिया को नामजद हैं।