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Himachal: पंचायतीराज विभाग के नाम पर ठगी कर रहे हैं शातिर, निशाने पर सचिव

Mon, 24 Apr 2023 01:01 PM IST
अरविन्द ठाकुर दीपक मेहता, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
दीपक मेहता, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 24 Apr 2023 01:01 PM IST
सार

साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन ठगी के तरीके बदल दिए हैं। हिमाचल की पंचायतों के सचिवों को फोन कॉल कर शिकायत दूर करने की एवज में पैसे की पेशकश हो रही है।

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cyber criminals fraud with panchayat secretary in himachal pradesh
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

शातिरों ने अब पंचायती राज विभाग के नाम पर फोन कॉल से ठगी का खेल शुरू कर दिया है। इनके निशाने पर विभाग के पंचायत सचिव हैं। पंचायत सचिवों को डराया धमकाया जा रहा है कि उनके खिलाफ लोग शिकायत कर रहे हैं। शातिर बोल रहे हैं कि पंचायतों के विकास कार्य में कोताही बरतने पर आपके खिलाफ जांच करने की मांग की जा रही है। पंचायत संबंधित और निजी शिकायतों को निपटाने के लिए सचिवों से पैसे की मांग की जा रही है। प्रदेश के कई पंचायत सचिवों को भी इस तरह की फोन आ चुके है।

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पंचायतीराज विभाग के मुताबिक यह फ्रॉड कॉल है। वहीं, साइबर पुलिस ने भी लोगों को ठगी से बचने के लिए अलर्ट रहने की सलाह दी है। दरअसल, साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन ठगी के तरीके बदल दिए हैं। इसमें एटीएम कार्ड क्लोनिंग, बिजली बिल, लक्की ड्रा, ट्रैफिक चालान, केवाईसी, कूरियर, विदेशों से कीमती सामान, आधार एवं राशन कार्ड का डाटा चुराकर, केवाईसी अपडेट, मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से फर्जी लिंक और एटीएम कार्ड लैप्स होने का झांसा देकर ठगी करते रहे हैं।
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अब सूबे की पंचायतों के सचिवों को फोन कॉल कर शिकायत दूर करने की एवज में पैसे की पेशकश हो रही है। हिमाचल प्रदेश पंचायत सचिव के महासचिव ओम प्रकाश ने बताया कि एक अज्ञात नंबर से उन्हें भी फोन आया। शातिर ने कहा कि पंचायती राज विभाग से बोल रहा हूं। आपकी शिकायत हमारे पास है, उसे रफा-दफा करने के लिए पैसे की मांग की गई। ओम प्रकाश पहले ही भांप चुके थे कि यह एक फर्जी कॉल है।
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नाम पूछने पर शातिर ने फोन बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि कई पंचायत सचिवों को भी इस तरह की फोन कॉल आ चुकी हैं। वह हैरान हैं कि आखिर शातिरों तक सचिवों के फोन नंबर कैसे पहुंचे। उधर, पंचायती राज विभाग के निदेशक केवल शर्मा ने बताया कि निदेशालय स्तर पर शिकायतों की जांच कर संबंधित व्यक्ति को लिखित तौर पर सूचना दी जाती है। निदेशालय से शिकायतों को लेकर कोई भी फोन नहीं किए जाते है। 

1930 नंबर पर करें शिकायत
लोग बैंक, आधार और राशन कार्ड में दर्ज नंबर को व्हाट्सएप नंबर रखने से बचें। सरकारी कामकाज में उपयोग होने वाले नंबरों को अपने निजी बैंक खाते में दर्ज न करें। अज्ञात नंबरों से आए लिंक को भी न खोलें। किसी व्यक्ति को पैसों के लेन-देन संबंधित कॉल आती है तो 1930 नंबर एवं संबंधित थाने में शिकायत दर्ज करवा सकते है। - एएसपी भूपेंद्र नेगी, साइबर क्राइम


बात नहीं बनने पर काट देते हैं फोन
पंचायत सचिव सुच्चा सिंह और किशन ने बताया कि विभाग का हवाला देते हुए शातिरों ने उन्हें भी कॉल किए। जिसमें शिकायत निपटाने के लिए पैसे की मांग की गई। शातिर फोन कर पूछ रहे है कि पंचायत के चार लोगों ने हस्ताक्षर कर उनके खिलाफ जांच करने की मांगी है। लोगों के नाम बताने पर शातिर ने गोपनीयता का हवाला दिया। इस पर सचिवों ने कहा कि लिखित शिकायत आने पर ही वह जवाब देंगे। इसके बाद शातिर ने फोन काट दिया।

ऐसे भी हो रही ठगी
एटीएम कार्ड क्लोनिंग
बिजली बिल जमा करने के नाम पर
लक्की ड्रॉ के नाम पर
ट्रैफिक चालान जमा करने पर
बैंक अफसर बनकर अकाउंट बंद होने की बात कह अपडेट के नाम पर
बैंक अकाउंट को आधार से लिंक करने के नाम पर
एटीएम कार्ड लैप्स होने का झासा देकर

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