Cultural tourism: लाहौल में मिट्टी के घर में ठहरकर सफर को यादगार बना रहे सैलानी
लाहौल में सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सुषमा ने हटकर मड हाउस तैयार किया है। शांत वादियों के बीच पर्यटक मड हाउस में सुकून के पल बिताने के साथ चारों ओर पहाड़ियों में बर्फ का भी दीदार कर सकेंगे।
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देश-विदेश के सैलानियों के लिए लाहौल घाटी में अब मिट्टी के बने घर (मड) में रहने का भी ठिकाना मिलेगा। मड हाउस में सैलानी मात्र 750 रुपये में एक हफ्ता ठहरकर अपने सफर को यादगार बना सकते हैं। इसमें न गर्मी लगेगी और न ही सर्दी सताएगी। लाहौल घाटी के थंगथंग (शूलिंग) गांव की सुषमा का मिट्टी से तैयार घर सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। शुरुआती दौर में सुषमा बुकिंग पर 50 फीसदी की छूट भी दे रही हैं। सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सुषमा ने अपने पूर्वजों के 120 साल पुराने घर को नई लुक दी है। मिट्टी के इस घर को इंटरनेट और सीसीटीवी कैमरों से जोड़ा गया है।
18 मई को ही मिट्टी से तैयार घर को पर्यटकों के लिए खोला गया है। हैदराबाद की तेजस्विनी पहली मेहमान बनकर इसमें ठहरी हैं। वह एक सप्ताह तक रुकेंगी। तेजस्विनी कहती हैं कि शांत वादियों के बीच मिट्टी के घर में ठहरने से नए अनुभव के साथ सुकून महसूस हो रहा है। विदेश से छह सदस्यों की टीम की भी यहां रुकने की बुकिंग हुई है। महज दो कमरों के इस मड हाउस में एक किचन है। लाहौल में सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सुषमा ने हटकर मड हाउस तैयार किया है। शांत वादियों के बीच पर्यटक मड हाउस में सुकून के पल बिताने के साथ चारों ओर पहाड़ियों में बर्फ का भी दीदार कर सकेंगे।