{"_id":"6aa14cdfbd5964994501b997","slug":"cultural-news-shimla-shimla-news-c-19-sml1002-783908-2026-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: गणेश महोत्सव के लिए लोअर बाजार में सजे बप्पा और सिद्धिविनायक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: गणेश महोत्सव के लिए लोअर बाजार में सजे बप्पा और सिद्धिविनायक
विज्ञापन
- मुंबई और कोलकाता से विशेष तौर पर मंगवाईं गणेश प्रतिमाएं
- मिट्टी से बनीं मूर्तियां, घुल जाएंगी पानी में, पर्यावरण के लिए अनुकूल
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में गणपति महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 14 सितंबर से होने वाले गणेश महोत्सव को लेकर शिमला के लोअर बाजार में भगवान गणेश की आकर्षक मूर्तियां सजने लगी हैं।
बाजार में अलग-अलग आकार, रंग और स्वरूप की गणेश प्रतिमाएं लोगों को आकर्षित कर रही हैं। इस बार सिद्धिविनायक स्वरूप की प्रतिमाओं की सबसे अधिक मांग बताई जा रही है। श्रद्धालु गणेश की सूंड की दिशा, आसन और प्रतिमा के आकार को लेकर भी अपनी पसंद के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं। इसका मूल्य 1500 रुपये रखा गया है। श्रद्धालुओं की पसंद को देखते हुए विशेष तौर पर मुंबई और कोलकाता से गणेश प्रतिमाएं मंगवाई गई हैं। इनकी खास बात यह है कि ये मूर्तियां इको फ्रेंडली हैं। मिट्टी की बनी ये मूर्तियां पानी में विसर्जन करने के बाद पूरी तरह घुल जाएंगी। लोअर बाजार के कारोबारी परम ने बताया कि गणेश महोत्सव नजदीक आते ही प्रतिमाओं की खरीदारी के लिए लोग बाजार का रुख करने लगे हैं। कई श्रद्धालु पहले से ही अपनी पसंद की प्रतिमा बुक करवा रहे हैं। इनमें घरों में स्थापना के लिए छोटी प्रतिमाओं से लेकर सार्वजनिक गणेश उत्सव के लिए बड़ी प्रतिमाएं शामिल हैं। सबसे छोटी मूर्ति का मूल्य 150 रुपये और सबसे बड़ी मूर्ति का मूल्य 8,500 रुपये तक रखा गया है। वहीं भगवान गणपति की अन्य मूर्तियों में दगडू सेठ 400 से 600, लाल बाग के राजा 500 रुपये में बिक रहे हैं।
बाजार में भगवान गणेश की प्रतिमाओं को कई आकर्षक रंगों और डिजाइन में तैयार किया गया है। कहीं गणेश को पारंपरिक स्वरूप में दिखाया गया है तो कहीं आधुनिक कलात्मक शैली में प्रतिमाएं तैयार की गई हैं।
विज्ञापन
इनसेट
एमसी कांप्लेक्स में महोत्सव के लिए पंडाल का निर्माण शुरू
शहर के मिडल बाजार में स्थित एमसी कांप्लेक्स में गणपति महोत्सव के लिए पंडाल बनना शुरू हो गया है। श्री सिद्धि विनायक सेवा मंडल ट्रस्ट शिमला की ओर से आयोजित होने वाले इस महोत्सव में 108 मूर्तियों की स्थापना की जाएगी। इस अवसर पर 14 सितंबर को बैंडबाजे के साथ गणपति की मूर्ति उठाकर भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी।
विज्ञापन
- मिट्टी से बनीं मूर्तियां, घुल जाएंगी पानी में, पर्यावरण के लिए अनुकूल
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में गणपति महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 14 सितंबर से होने वाले गणेश महोत्सव को लेकर शिमला के लोअर बाजार में भगवान गणेश की आकर्षक मूर्तियां सजने लगी हैं।
बाजार में अलग-अलग आकार, रंग और स्वरूप की गणेश प्रतिमाएं लोगों को आकर्षित कर रही हैं। इस बार सिद्धिविनायक स्वरूप की प्रतिमाओं की सबसे अधिक मांग बताई जा रही है। श्रद्धालु गणेश की सूंड की दिशा, आसन और प्रतिमा के आकार को लेकर भी अपनी पसंद के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं। इसका मूल्य 1500 रुपये रखा गया है। श्रद्धालुओं की पसंद को देखते हुए विशेष तौर पर मुंबई और कोलकाता से गणेश प्रतिमाएं मंगवाई गई हैं। इनकी खास बात यह है कि ये मूर्तियां इको फ्रेंडली हैं। मिट्टी की बनी ये मूर्तियां पानी में विसर्जन करने के बाद पूरी तरह घुल जाएंगी। लोअर बाजार के कारोबारी परम ने बताया कि गणेश महोत्सव नजदीक आते ही प्रतिमाओं की खरीदारी के लिए लोग बाजार का रुख करने लगे हैं। कई श्रद्धालु पहले से ही अपनी पसंद की प्रतिमा बुक करवा रहे हैं। इनमें घरों में स्थापना के लिए छोटी प्रतिमाओं से लेकर सार्वजनिक गणेश उत्सव के लिए बड़ी प्रतिमाएं शामिल हैं। सबसे छोटी मूर्ति का मूल्य 150 रुपये और सबसे बड़ी मूर्ति का मूल्य 8,500 रुपये तक रखा गया है। वहीं भगवान गणपति की अन्य मूर्तियों में दगडू सेठ 400 से 600, लाल बाग के राजा 500 रुपये में बिक रहे हैं।
विज्ञापन
बाजार में भगवान गणेश की प्रतिमाओं को कई आकर्षक रंगों और डिजाइन में तैयार किया गया है। कहीं गणेश को पारंपरिक स्वरूप में दिखाया गया है तो कहीं आधुनिक कलात्मक शैली में प्रतिमाएं तैयार की गई हैं।
विज्ञापन
इनसेट
एमसी कांप्लेक्स में महोत्सव के लिए पंडाल का निर्माण शुरू
शहर के मिडल बाजार में स्थित एमसी कांप्लेक्स में गणपति महोत्सव के लिए पंडाल बनना शुरू हो गया है। श्री सिद्धि विनायक सेवा मंडल ट्रस्ट शिमला की ओर से आयोजित होने वाले इस महोत्सव में 108 मूर्तियों की स्थापना की जाएगी। इस अवसर पर 14 सितंबर को बैंडबाजे के साथ गणपति की मूर्ति उठाकर भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी।