फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   CSIR develop a technique by tea leaves that will prevent Cancer.

बड़ी कामयाबी! इस चाय से होगा कैंसर का इलाज

Mon, 29 Jun 2015 04:28 PM IST
Updated Mon, 29 Jun 2015 04:28 PM IST
विज्ञापन
CSIR develop a technique by tea leaves that will prevent Cancer.

अब कैंसर और यादाश्त कमजोर होने की बीमारी को चाय की खराब पत्तियों से भी भगाया जा सकता है। काउंसिल ऑफ साइंटाफिक एंड इंडस्ट्रल रिसर्च (सीएसआआईआर) ने पहली बार भारत में चाय की पत्तियों से कैटेकिनस तत्व की तकनीक तैयार कर ली है। इस तकनीक को अब दवाई बनाने वाली एक निजी कंपनी को दिया गया है।

विज्ञापन


कंपनी इस ईजाद को जल्द मार्केट में उतारेगी। यह कैटेकिनस कमजोर यादयाश्त और कैंसर की बीमारी को दूर कर सकता है। अब तक विश्व भर में इसकी मार्केट आठ से नौ प्रतिशत है। इसमें 75 प्रतिशत चीन और जापान इसके सबड़े बड़े सप्लायर है। लिहाजा, चाय से बने कैटेकिनस की लगातार मांग बढने लगी है। सीएसआईआर को अपने शोध में मिली कामयाबी से यह तकनीक तैयार हुई है।

विज्ञापन

कैटेकिनस तकनीक से होगा कैंसर का खात्मा

CSIR develop a technique by tea leaves that will prevent Cancer.

सीएसआईआर ने मार्केट में कैटेकिनस से बनने वाली दवाइयों को बाजार में उतारने के लिए इस तकनीक को पपरोला में दवाइयां की एक निजी कंपनी को दे दिया है। सीएसआईआर की मानें तो इससे अब चाय उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। इससे आम चाय उत्पादक की आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी।

सीएसआईआर के निदेशक डा. दिनेश कुमार ने कहा कि संस्थान ने चाय से कैटेकिनस तैयार किया है जो कैंसर और कमजोर यादशाश्त को ठीक करने में लाभदायक है। यह स्वास्थ्यवर्धक भी है। दवाइयों की कंपनी जल्द इसको बाजार में उतारेगी।

इससे बनता है कैटेकिनस- चाय बगीचों में लगी पहली ढाई पतियों से चाय बनती है। इसके बाद चाय की खराब पतियां (जिनसे चाय नहीं बनती), चाय के फूल और बीजों से कैटेकिन तैयार किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed