बड़ी कामयाबी! इस चाय से होगा कैंसर का इलाज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब कैंसर और यादाश्त कमजोर होने की बीमारी को चाय की खराब पत्तियों से भी भगाया जा सकता है। काउंसिल ऑफ साइंटाफिक एंड इंडस्ट्रल रिसर्च (सीएसआआईआर) ने पहली बार भारत में चाय की पत्तियों से कैटेकिनस तत्व की तकनीक तैयार कर ली है। इस तकनीक को अब दवाई बनाने वाली एक निजी कंपनी को दिया गया है।
कंपनी इस ईजाद को जल्द मार्केट में उतारेगी। यह कैटेकिनस कमजोर यादयाश्त और कैंसर की बीमारी को दूर कर सकता है। अब तक विश्व भर में इसकी मार्केट आठ से नौ प्रतिशत है। इसमें 75 प्रतिशत चीन और जापान इसके सबड़े बड़े सप्लायर है। लिहाजा, चाय से बने कैटेकिनस की लगातार मांग बढने लगी है। सीएसआईआर को अपने शोध में मिली कामयाबी से यह तकनीक तैयार हुई है।
कैटेकिनस तकनीक से होगा कैंसर का खात्मा
सीएसआईआर ने मार्केट में कैटेकिनस से बनने वाली दवाइयों को बाजार में उतारने के लिए इस तकनीक को पपरोला में दवाइयां की एक निजी कंपनी को दे दिया है। सीएसआईआर की मानें तो इससे अब चाय उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। इससे आम चाय उत्पादक की आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी।
सीएसआईआर के निदेशक डा. दिनेश कुमार ने कहा कि संस्थान ने चाय से कैटेकिनस तैयार किया है जो कैंसर और कमजोर यादशाश्त को ठीक करने में लाभदायक है। यह स्वास्थ्यवर्धक भी है। दवाइयों की कंपनी जल्द इसको बाजार में उतारेगी।
इससे बनता है कैटेकिनस- चाय बगीचों में लगी पहली ढाई पतियों से चाय बनती है। इसके बाद चाय की खराब पतियां (जिनसे चाय नहीं बनती), चाय के फूल और बीजों से कैटेकिन तैयार किया गया है।