RUSA Grant: 144 करोड़ की रूसा ग्रांट पर संकट, आड़े आने लगी नई शिक्षा नीति
कॉलेजों को मंजूर 450 करोड़ की रूसा ग्रांट में से अभी तक 306 करोड़ ही मिले हैं। पहले मिली ग्रांट का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट तय समय पर नहीं देने से अब शेष बजट फंस गया है। नई शिक्षा नीति के प्रावधान लागू होते ही पुराने बजट का क्या होगा। इस पर संशय है।
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हिमाचल प्रदेश के डिग्री कॉलेजों के लिए देय 144 करोड़ की राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान(रूसा) ग्रांट पर संकट खड़ा हो गया है। नई शिक्षा नीति के प्रावधान इसके आड़े आ गए हैं। केंद्र सरकार कॉलेजों की रूसा ग्रांट को बंद करने की तैयारी में है। शिक्षा नीति के तहत अब नए तरीके से फंडिंग करने की योजना है। कॉलेजों को मंजूर 450 करोड़ की रूसा ग्रांट में से अभी तक 306 करोड़ ही मिले हैं। पहले मिली ग्रांट का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट तय समय पर नहीं देने से अब शेष बजट फंस गया है। नई शिक्षा नीति के प्रावधान लागू होते ही पुराने बजट का क्या होगा। इस पर संशय है। 28 फरवरी को राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में होने वाली शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में इस बाबत अधिकारियों की ओर से प्रस्तुति दी जाएगी।
केंद्र सरकार से इस मामले को किस प्रकार उठाते हुए पुराने बजट के जल्द जारी होने को लेकर अधिकारी बैठक में रास्ता निकालेंगे। वर्ष 2021-22 के दौरान कॉलेजों को आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और उपकरणों की खरीद के लिए केंद्र ने रूसा ग्रांट के तहत 450 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। प्रदेश को 306 करोड़ की ग्रांट प्राप्त हो चुकी है। शेष ग्रांट यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट जमा करवाने के बाद मिलनी थी। कॉलेजों की ओर से तय समय में केंद्र सरकार को पुराने कार्यों से संबंधित ब्योरा नहीं भेजा गया है। इस कारण केंद्र की ओर से रूसा ग्रांट की अगली किस्त नहीं दी गई।