मार्कशीट बेचते पकड़ा गया एचपीयू का सेक्शन अफसर
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देर शाम मालरोड सोलन पर एचपी यूनिवर्सिटी में तैनात बीसीए विभाग के सेक्शन आफिसर को स्नातक के सर्टिफिकेट के एवज में पांच हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में धरा है। स्थानीय युवती की शिकायत पर विजिलेंस ने आरोपी को ट्रैप किया। मौके पर स्याही लगे चार रुपए बरामद हुए है। आरोपी को विजिलेंस थाना सोलन लाया गया।
जहां पूछताछ के बाद संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। विजिलेंस से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी जगदीश चंद सोलन विधानसभा क्षेत्र का रहने वाला है। वह काफी समय से एचपीयू के बीसीए विभाग में बतौर सेक्शन आफिसर तैनात है। शिकायताकर्ता युवती की भाभी ने कुछ समय पहले बीसीए किया है। उसके सैकेंड और फाइनल इयर के सर्टिफिकेट नहीं पहुंचे थे।
ऐसे पकड़ा गया आरोपी
इसे निकालने के कई बार एचपीयू के बीसीए विभाग में चक्कर काटे। लेकिन आनाकानी की जाती रही। आरोपी से जब बात की तो उसने सर्टिफिकेट के बदले में पांच हजार की डिमांड रखी। शिकायत विजिलेंस तक पहुंची। विजिलेंस ने जाल बुना और सर्टिफिकेट माल रोड परं युवती को हैंडओवर करने की बात हो गई। वीरवार देर शाम सोलन मालरोड पर आरोपी पहुंचा।
युवती ने कहा कि उसके पास पांच हजार नहीं है। महज चार हजार हैं। इसके बाद उसने आरोपी को रुपए थमा दिए और आरोपी ने प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष के सर्टिफिकेट। तभी विजिलेंस की टीम ने मौके पर आरोपी को दबोच लिया। विजिलेंस डीएसपी श्वेता ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि युवती की शिकायत पर आरोपी को पकड़ा गया है।
सर्टिफिकेट असली या नकली
सर्टिफिकेट असली है या फर्जी इसके लेकर भी संशय बना हुआ है। लिहाजा इसे ध्यान में रखकर भी जांच हो सकती है। उधर संबंधित अधिकारियों का तर्क है कि सर्टिफिकेट निकालने की फीस भी पांच हजार रुपए है। लिहाजा हो सकता है कि बिना फीस लिए अंदर खाते से वह सर्टिफिकेट थमा रहा हो।