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वाहन फर्जीवाड़ा: विजिलेंस टीम ने हासिल किया मुख्य आरोपी का प्रोडक्शन वारंट
Tue, 16 Feb 2021 12:40 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 16 Feb 2021 12:40 PM IST
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जांच-सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला
वाहनों के फर्जीवाड़े के मामले की जांच कर रही विजिलेंस की शिमला टीम ने स्थानीय अदालत से मुख्य आरोपी रणजीत कंग का प्रोडक्शन वारंट हासिल कर केस से संबंधित इनोवा क्रिस्टा की तलाश शुरू कर दी है। जांच टीम को कोर्ट ने कंग की 19 फरवरी तक पुलिस कस्टडी दी है। सूत्रों का कहना है कि शिमला में जांच टीम को सिर्फ एक वाहन ही बरामद करना शेष है। इसके बाद चार्जशीट दाखिल करने की कार्रवाई शुरू करेगी। विजिलेंस को शिकायत मिली थी कि पंजाब और हरियाणा के कुछ लोग सोलन व शिमला जिले के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को फर्जी दस्तावेजों की मदद से वाहन खरीदवा कर वाहनों को अच्छी कंपनियों व सरकारी कार्यालयों में किराए पर लगवाने के नाम पर लेकर फरार हो जाते थे।
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इसके बाद जिन फाइनेंस कंपनियाें में दस्तावेज लगाकर वाहन खरीदे गए होते थे, वहां के रिकवरी एजेंट लोगों पर किस्तें भरने का दबाव बनाते थे। लोगों ने पहले स्थानीय पुलिस से शिकायत की, लेकिन पुलिस ने आपसी लेन-देन का मामला बनाकर इसे रफा-दफा कर दिया। पीड़ितों ने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत की तो तत्कालीन प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री व विजिलेंस संजय कुंडू ने इसकी जांच विजिलेंस ब्यूरो को दी। ब्यूरो ने सोलन और शिमला में दो अलग-अलग मामले दर्ज कर जांच शुरू की। अब तक ब्यूरो मुख्य आरोपी रणजीत सिंह कंग समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर चुका है। सोलन व शिमला में एक दर्जन से ज्यादा वाहन भी बरामद कर मालिकों के हवाले कर दिए हैं। शिमला में एक इनोवा और सोलन में सिर्फ एक स्कूटी को बरामद करना बाकी है।
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