यूको बैंक के मैनेजर ने किया 50 लाख का घोटाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसान क्रेडिट कार्ड और कर्ज माफी के मामलों में घपला कर ब्रांच मैनेजर ने 50 लाख से ज्यादा का घोटाला कर डाला। मैनेजर को अब 2 साल की सजा मिली है। मामला ज्यादा पुराना नहीं है। मैनेजर को पहले बर्खास्त भी किया गया। यह मामला शिमला का है।
यहां यूको बैंक की नेरवा ब्रांच के बर्खास्त इस मैनेजर सुभाष चंद्र नेगी पर घोटाले के आरोप साबित होने के बाद सीबीआई की अदालत ने उन्हें दो साल की कैद और 14 हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई है। इस मामले में सीबीआई की ओर से 65 गवाह पेश किए गए।
तफ्तीश में 50 लाख से ज्यादा का घोटाला पाया गया। हालांकि बैंक प्रबंधन की ओर से दी गई शिकायत में घोटाले की रकम एक करोड़ से अधिक बताई गई थी। जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की। सभी तथ्यों को देखने के बाद पीआर पहाड़िया की अदालत ने यह सजा सुनाई।
बैंक में ऐसे किया बड़ा घोटाला
अगस्त 2008 से 2010 के बीच ब्रांच मैनेजर रहे सुभाष चंद्र नेगी पर आरोप थे कि इन्होंने केसीसी लोन अकाउंट खोले और लोन मंजूर किए। कई खातों से पैसा निकाल लिया। कई फर्जी खाते खोले। किसानों के कर्ज माफी के मामलों में घोटाला किया।
बैंक प्रबंधन ने आरोपी ब्रांच मैनेजर को बर्खास्त कर दिया था। बैंक के तत्कालीन डीजेएम पीएम बनोट शिमला की ओर से सीबीआई में मुकदमा दर्ज करवाया गया था। सीबीआई की ओर से इस मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक तेजस्वी प्रकाश नेगी ने की।
जांच में यह मिला
8.50 लाख रुपये पर्सनल खाते में मिले
4 लाख पहले जमा किए, फिर निकाल लिए
17.46 लाख एक खाते से दूसरे में शिफ्ट किए
21.31 लाख अवैध वाउचर का इस्तेमाल कर निकाले
केसीसी लोन के बंद खातों में 11.60 लाख ट्रांसफर किए
बैंक उपभोक्ताओं के साइन वाउचरों का दुरुपयोग किया
जाली दस्तावेजों के आधार पर लोन मंजूर कर दिए