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....तो एक और जान ले लेता बांध का पानी

Thu, 19 Jun 2014 01:51 PM IST
Updated Thu, 19 Jun 2014 01:51 PM IST
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Then takes on a life of dam water ...
दस दिन पहले लारजी बांध से अचानक पानी छोड़े जाने से ब्यास में बहे हैदराबाद के 24 विद्यार्थियों व एक टूअर ऑपरेटर के शवों की तलाश अभी चल ही रही है कि सैंज घाटी की एक महिला ऐसे ही हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई।
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सियूंड स्थित पार्वती जलविद्युत परियोजना-तृतीय चरण के बांध से पानी छोड़े जाने से सैंज नदी में एकदम उफान आ गया और यह महिला नदी की तेज धाराओं में फंस गई। पहले ही लारजी हादसे से सहमे क्षेत्रवासियों में इस घटना से अफरा-तफरी मच गई।
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वे तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। इस सनसनीखेज घटना से एनएचपीसी अधिकारियों के भी होश उड़ गए। नदी के बीच तेज धाराओं में फंसी यह महिला कई घंटों तक जिंदगी और मौत की बीच झूलती रही।
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पानी रोककर बचाई जान

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इस बीच एनएचपीसी के अधिकारी, कर्मचारी, पुलिस और बचाव दल भी मौके पर पहुंच गया। अंतत: बांध का पानी रोक कर किसी तरह महिला को बचा लिया गया। तभी एनएचपीसी के प्रबंधन में भी जान में जान आई।

अगर समय पर बांध का पानी नहीं रोका होता तो महिला की जिंदगी भी जा सकती थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सैंज गांव की रहने वाली 50 साल की हुसनू देवी सैंज नदी के बीच में बने टापू में पशुओं के लिए घास काटने के लिए गई थी। महिला बीच टापू में घास काट रही थी कि तभी परियोजना प्रबंधन द्वारा नदी में पानी छोड़ दिया गया।

हालांकि स्थानीय लोगों के अनुसार परियोजना प्रबंधन द्वारा पानी छोड़ने से पहले हूटर बजाने की बात कही है। लेकिन महिला की सुनने की क्षमता कम होने के चलते उसे हूटर का आवाज सुनाई नहीं दी। पार्वती परियोजना चरण-3 के महाप्रबंधक सीबी सिंह ने लोगों से आग्रह किया है कि आजकल डैम से पानी को छोड़ा जा रहा है और ऐसे में लोग नदी केकिनारे न जाएं।

छह घंटे तक पानी में जिंदगी की जदोजहद

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फतेहपुर के साथ बहती सुक्कड़ खड्ड में मंगलवार शाम अचानक बाढ़ आने से एक बुजुर्ग महिला बीच टापू में फंस गई। महिला काफी देर तक पानी का बहाव कम होने का इंतजार करती रही, मगर बारिश के कारण खड्ड में पानी लगातार बढ़ता गया। इससे महिला और उसके पशु बीच टापू में ही फंस गए।

महिला अपने पशुओं को बचाने के लिए उन्हें टापू में सुरक्षित जगह में ले जाती रही। इसी दौरान एक राहगीर ने महिला को पानी के बीच फंसा देखकर पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर महिला को बचाने का प्रयास किया। पानी का बहाव तेज होने पर फायर ब्रिगेड के कर्मी भी मौके पर पहुंचे। शनिवार सायं पांच बजे महिला बिगला देवी(65) पत्नी बिशन दास निवासी सुक्कड़ पशुओं को चराने खड्ड में गई थी।

महिला तक पुलिस को पहुंचने में लगे दो घंटे

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पानी का बहाव इतना तेज था कि पुलिस के जवान भी दो घंटे तक महिला के पास नहीं पहुंच पाए। पुलिस ने महिला को बचाने का प्रयास जारी रखा। पुलिस कर्मी रात साढ़े 11 बजे महिला को खड्ड से बाहर निकाल पाए।

वहीं, पशुओं को बुधवार को निकाला गया है। पुलिस विभाग के सब इंस्पेक्टर रंजन, कांस्टेबल सुरेंद्र और राजेश ने महिला को पानी से बाहर निकाला है। एसपी डा. शिव कुमार ने बताया कि सुक्कड़ खड्ड में पानी के तेज बहाव से महिला को बाहर निकाला गया है।

महिला पशुओं को चराने खड्ड में चली गई थी। शनिवार देर रात तक पुलिस अधिकारी स्वयं भी मौके पर मौजूद रहे और बुजुर्ग महिला को सुरक्षित पानी से बाहर निकालकर घर पहुंचाया गया।

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