शाबाश शिमला पुलिस! चंद घंटों में ही पकड़ लिए चोर
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मंदिर चोरी की बड़ी वारदात अंजाम देकर भाग रहे दो आरोपियों को शिमला पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा। पुलिस ने चोरी की सूचना मिलते ही नाकाबंदी शुरू की। समझदारी दिखाते हुए जांच अधिकारी का शक प्रवासी मजदूरों पर गया।
जंगलों में तलाश शुरू हुई। इसी बीच दो युवक पैसा बांटते दिखे। दोनों पकड़े गए। पता चला कि ये दोनों शिमला के जाखू में बाबा बालकनाथ मंदिर का ताला तोड़कर हजारों का चढ़ावा चुरा ले गए थे।
आरोपियों की पहचान नजीम अली 23 निवासी मुरादाबाद और रामनारायण (20) निवासी फैजाबाद के तौर पर हुई है। दोनों आरोपी करीब तीन साल से अमृतसर में रह रहे हैं और वहां कबाड़ का काम करते हैं। आरोपियों के खिलाफ थाना छोटा शिमला में मुकदमा दर्ज कर आगामी छानबीन अमल में लाई जा रही है। पुलिस के मुताबिक रविवार को दोनों आरोपी कालका से शिमला ट्रेन से आए थे।
ऐसे अंजाम दी चोरी की वारदात
रेलवे स्टेशन पर उतरकर उन्होंने हनुमान जी की विशाल प्रतिमा को देखा। जब उन्होंने इस जगह के बारे में पूछा तो उन्हें बताया गया कि यह मूर्ति जाखू में है और वहां प्रसिद्ध जाखू मंदिर हैं। इसके बाद दोनों आरोपी एक बाबा के साथ दोपहर में जाखू मंदिर पहुंचे।
यहां बुरी नीयत से आए थे लेकिन जाखू मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को देखकर आरोपियों ने नजदीक के बाबा बालकनाथ मंदिर में चोरी करने का फैसला किया। दिन भर रैकी करने के बाद दोनों आरोपी बाबा बालक नाथ मंदिर के परिसर में ही सो गए।
मंदिर बंद करके पुजारी भी सोने चले गए इसके बाद दोनों आरोपियों ने मंदिर का ताला तोड़ा और भीतर दाखिल हुए। यहां मुख्य दानपात्र के ताले को उखाड़ा और उसमें रखे रुपये और सिक्कों को बैग में भरकर चंपत हो गए।
पुलिस की समझदारी से पकड़े आरोपी
सुबह करीब साढ़े छह बजे मंदिर के पुजारी ने पुलिस स्टेशन छोटा शिमला को इस बारे में सूचना दी। छोटा शिमला पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके की नाकाबंदी कर दी। दोनों आरोपी मंदिर से कुछ दूर घने जंगल में चोरी का पैसा आपस में बांट चुके थे और वहां से भागने की फिराक में थे लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों ने कहा कि वह पहली बार शिमला आए हैं। अमृतसर से ट्रेन में कालका पहुंचे और वहां से ट्रेन में शिमला आए। वह पिछले तीन साल से एकसाथ रह रहे हैं। ट्रेन में मुसाफिरों के साथ लूटमार और चेन स्नेचिंग की वारदात को वह अंजाम देते रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि अमृतसर में उन्होंने चेन स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम दिया है। शिमला पुलिस इनके बारे में अमृतसर पुलिस से भी संपर्क कर रही है।
बांट लिया था चोरी का पैसा
चोरी का पैसा बांटने के बाद दोनों आरोपियों ने अपने अपने बैग में पैसा छिपा दिया था। तलाशी के दौरान नजीम अली के बैग से 29 हजार 752 रुपये की करेंसी और 1995 की रेजगारी मिली। वहीं दूसरे आरोपी रामनारायण के बैग से 22 हजार 748 की करेंसी बरामद की गई। कुल मिलाकर पुलिस ने आरोपियों से चोरी का 56 हजार 59 रुपये बरामद कर लिया है।
मंदिर में नहीं लगे थे सेंसर लॉक
मंदिरों में हो रही चोरियों को लेकर शिमला पुलिस ने हाल में मंदिर कमेटियों के साथ बैठक कर सीसीटीवी और सेंसर लॉक लगाने का आग्रह किया था। बाबा बालक नाथ मंदिर कमेटी ने सीसीटीवी तो लगा लिए लेकिन सेंसर लॉक की ओर ध्यान नहीं दिया। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मंदिर में अगर सेंसर लॉक होता तो उसको खोलने की कोशिश करते ही थेफ्ट अलार्म बज उठता और चोर पकड़े जाने के भय से भाग खड़े होते।
आरोपियों से पूछताछ जारी : डीएसपी
डीएसपी सिटी बलबीर सिंह ने कहा कि दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। यह अमृतसर में कबाड़ का काम करते हैं। इन्होंने ट्रेन से बैग उठाने और चेन स्नेचिंग की वारदातों में अपना हाथ होने की बात स्वीकार की है। यह पहली बार शिमला आए थे चोरी के पहले की प्रयास में पुलिस की गिरफ्त में आए गए। इनसे पूछताछ चल रही है।