चुड़ैलवाली रात में हुई चोरी का वो सच जो चौंका देगा आपको!
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रातड़ देवता मंदिर में चोरी मामले में एक नया और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मंदिर में रखी सोने की चार किलो की छड़ चोर नहीं ले जा पाए।
यह छड़ मंदिर के एक कोने में रखी थी छड़ करीब दो सौ साल पुरानी बताई जा रही है। छड़ के बच जाने से ग्रामीण खुश हैं। वह इसे देवता की कृपा बता रहे हैं। अब तक यह कहा जा रहा इस मंदिर के बारे में पूरी जानकारी रखने वाला व्यक्ति इस साजिश का सूत्रधार था।
लेकिन अगर उसे जानकारी थी तो इतनी कीमती छड़ कैसे छूट गई। बताते चलें कि इस मंदिर में केवल गूर, पुजारी समेत खास मौके पर चार लोग ही जाते थे। मंदिर में भंडारी (कैशियर) की जिम्मेदारी हर दो साल बाद बदल जाती है।
जब कोई डर नहीं था तो क्यों करोड़ों की छड़ नहीं चुराई
खास बात यह है कि मंदिर में न कोई स्थायी भंडारी रहता है न कोई चौकीदार। श्रद्धालु भी मंदिर भीतर नहीं जाते। कभी जाते भी हैं तो निचले तल पर रहते हैं। अमूमन वह बाहर से ही माथा टेक लौट जाते हैं।
चोरी को अंजाम देने के लिए शातिरों ने डगयाली (चुडै़ल वाली) रात चुनी। अमावस्या के चलते मंदिर के कपाट खुले थे। हर घर के दरवाजे बंद थे। चोरों ने इसी का फायदा उठाया। वे जानते थे कि कोई भी घर से बाहर नहीं निकलेगा।
चोरी के बाद देवता ने गूर के माध्यम से कहा कि चोरी में उसके ही परगने का एक आदमी शामिल है। इसी ने बाहर के तीन लोगों के साथ मिलकर वारदात अंजाम दिया है। एएसपी (सिटी) भजन नेगी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। पुलिस हर पहलू पर तफ्तीश कर रही है।