गुड़िया प्रकरण के मुख्य आरोपी को मिला सरकारी वकील
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गुड़िया प्रकरण के मुख्य आरोपी को सरकारी वकील मिल गया है। कोटखाई के चर्चित गुड़िया दुष्कर्म एवं हत्या मामले में पकड़े गए मुख्य आरोपी अनिल (नीलू) को वीरवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में पेश किया गया।
आरोपी की न्यायालय में वकील दिलवाने की अर्जी पर अदालत ने उसकी ओर से पैरवी करने के लिए सरकारी वकील उपलब्ध करवा दिया है। सीबीआई की ओर से गिरफ्तार किए गए आरोपी अनिल (नीलू चिरानी) इस जघन्य अपराध को अंजाम देने पर जिला कचहरी के वकीलों ने उसकी पैरवी करने से इंकार कर दिया था।
इसके चलते आरोपी को कोई वकील नहीं मिल पा रहा था, जिस पर अदालत ने उसे राजधानी से बाहर से कहीं से भी वकील की व्यवस्था करने की छूट भी दे दी थी। आरोपी ने अदालत में वकील न मिलने की बात कहते हुए सरकारी वकील दिए जाने की अर्जी दी थी।
13 अप्रैल को कोटखाई से किया था गिरफ्तार
आरोपी की न्यायिक हिरासत समाप्त होने पर वीरवार को उसे अदालत में पेश किया गया। यहां अदालत में मुहैया करवाए गए सरकारी वकील ने नीलू की पैरवी की। न्यायाधीश विरेंद्र सिंह की अदालत ने आरोपी को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।
शुक्रवार को उसे फिर से अदालत में पेश किया जाएगा। गुड़िया प्रकरण की जांच कर रही सीबीआई ने 13 अप्रैल को आरोपी नीलू को शिमला जिले के कोटखाई क्षेत्र से गिरफ्तार किया था।
सीबीआई का दावा है कि आरोपी ने ही गुड़िया से दुष्कर्म करने के बाद उसकी निर्मम हत्या की थी। आरोपी नीलू की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई ने डीएनए टेस्ट और फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट को आधार बनाया था।
कोटखाई के जंगल से बरामद हुआ था शव
सीबीआई के मुताबिक डीएनए प्रोफाइलिंग कीरिपोर्ट के अनुसार आरोपी के डीएनए का घटना स्थल तथा शव से बरामद डीएनए सामग्री से सौ प्रतिशत मिलान हुआ है। इसी आधार पर जांच ऐजेंसी इस निष्कर्ष पर पहुंची कि गुड़िया का असली कातिल नीलू ही है।
इस मामले में सीबीआई ने आरोपी के खिलाफ 29 मई को हाईकोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। बीते वर्ष छह जुलाई को गुड़िया का शव कोटखाई के जंगल में बरामद हुआ था। दसवीं कक्षा की छात्रा गुड़िया कोटखाई के एक सरकारी स्कूल में पढ़ती थी जो चार जुलाई को अचानक लापता हो गई थी।
पोस्टमार्टम और बिसरा रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि दुष्कर्म के बाद गुड़िया को निर्मम तरीके से मारा गया। 19 जुलाई 2017 को हिमाचल हाईकोर्ट ने सीबीआई को इस केस की जांच के आदेश दिए थे।