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एचपीसीए मामले में हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

Mon, 07 Apr 2014 10:48 PM IST
बयूरो/ अमर उजाला, शिमला
बयूरो/ अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 07 Apr 2014 10:48 PM IST
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The High Court has reserved judgment in the case Acpisia

हिमाचल हाईकोर्ट ने एचपीसीए पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने के आग्रह की याचिका में दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया।

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सोमवार को यह मामला कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मंसूर एहमद मीर की एकल पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए लगा। इसी केस में विजिलेंस पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और अनुराग ठाकुर के खिलाफ चार्जशीट दायर करने वाली है।
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एचपीसीए की ओर से पेश पीएस पटवालिया ने कहा कि विजिलेंस चार्जशीट दायर करने की जल्दबाजी में है, ताकि राजनीतिक उदेश्य पूरा किया जा सके। प्रशासनिक अफसरों को पिक एंड चूज आधार पर निशाना बनाया जा रहा है।

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चालान में टीजी नेगी का नाम क्यों नहीं : एचपीसीए

The High Court has reserved judgment in the case Acpisia

केस में जब तत्कालीन मुख्यमंत्री धूमल और खेल निदेशक अजय शर्मा आरोपी हैं, तो सचिव टीजी नेगी क्यों नहीं? जिन अफसरों ने धर्मशाला स्टेडियम की लीज साइन की वह भी आरोपी नहीं है। 120 घंटे में अभियोजन मंजूरी हो गई।

उन्होंने अपील की कि अभियोजन से संबंधित रिकार्ड कोर्ट में मंगवाया जाए। सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता श्रवण डोगरा ने दलील दी कि एचपीसीए ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत सरकारी भूमि को अपने नाम करवाया। एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच एजेंसी ने जांच पूरी कर ली है और चार्जशीट तैयार है।

इसमें एचपीसीए पदाधिकारियों पर आपराधिक मामला बनता है। इन परिस्थितियों में एफआईआर को निरस्त करना हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार में नहीं आता। एचपीसीए ने गुहार लगाई थी कि अदालत का फैसला आने तक सरकार को उनके खिलाफ चार्जशीट दायर करने से रोका जाए। इस पर महाधिवक्ता ने आश्वस्त किया कि कोर्ट का फैसला आने तक चार्जशीट दायर नहीं की जाएगी।

सीएम को प्रतिवादी बनाने पर सुनवाई 29 को

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एचपीसीए केस में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को निजी तौर पर प्रतिवादी बनाए जाने की याचिका पर सुनवाई 29 अप्रैल तक टल गई। इस मामले में सरकार ने हाईकोर्ट में आवेदन दायर कर एचपीसीए लीज मामले में 8 जनवरी को पारित आदेशों को स्पष्ट करने की गुहार लगाई।

हाईकोर्ट ने 8 जनवरी को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, डीजीपी संजय कुमार, जिलाधीश कांगड़ा सी. पालरासू और कांगड़ा के एसपी बलबीर सिंह को प्रतिवादी बनाए जाने के लिए दायर आवेदन को ठुकरा दिया था।

एचपीसीए इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई और हाईकोर्ट का आदेश निरस्त हो गया। सोमवार को एचपीसीए ने रजिस्ट्रार सहकारी सभाएं को भी प्रतिवादी बनाने का आग्रह किया तो सरकार की ओर से जवाब दायर करने के लिए समय मांगा गया।

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