इराक में आतंकवाद : डैडी मुझे यहां से जल्दी निकालो!
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इराक में हिमाचल के 20 से अधिक लोग फंसे हुए हैं और परिजनों को जब भी उनका फोन आता है तो सिर्फ धमाकों की आवाजें ही सुनाई देती है। गोलियों की बौछारें और कान के पर्दे फोड़ने वाला कोलाहल। चीखने चिल्लाने की आवाजें सुनकर बस एक खौफ का अहसास हो रहा है। इराक के कर्बला, मोसुल समेत अन्य इलाकों में फंसे हिमाचल के लोग फाेन पर यही कहानी बयां कर रहे हैं।
बस चार पांच मिनट बात होने के बाद जैसे ही कोई कानफोड़ू आवाज गूंजती है तो फोन कट रहा है। बस अंतिम शब्द यही सुने जा रहे हैं कि बाद में फोन करता हूं। इधर, परिजनों की चिंताएं दिन गुजरने के साथ ही बढ़ती जा रही हैं।
भडोलियां कलां के इलैक्ट्रानिक इंजीनियर सन्नी सिंह ने भी जब परिजनों से बात की तो भयानक रक्तपात का आंखों देखा हाल बयां किया। सन्नी के पिता महेंद्र कहते हैं कि करीब चार मिनट तक बात करने के बाद धमाके की आवाज सुनाई दी। सन्नी ने कर्बला से फोन पर कहा था कि डैडी मुझे यहां निकालो।
इराक में फंसे प्रदेश के 20 से अधिक युवा
गुरवचन ने कहा कि इराक में ऐसे हालात के बीच फंसे बेटे के बारे में सोचकर वे सो तक नहीं पा रहे हैं। बढेड़ा निवासी दारा सिंह के भाई संजीव ने कहा कि दारा ने फोन पर कहा कि यहां हालात ठीक नहीं हैं। अन्य कई लोगों के फंसे होने से उनके परिजन और रिश्तेदार भी चिंतित हैं।
संघर्ष से जूझ रहे इराक में ऊना जिले के भी पांच युवक फंस गए हैं। ऊना के इन युवकों के साथ हिमाचल के विभिन्न इलाकों के भी अन्य करीब बीस लोग वहां फंसे हुए बताए जा रहे हैं।
ऊना के भड़ोलियां कलां निवासी सन्नी सिंह पुत्र महेंद्र सिंह, पनोह निवासी देसराज, नंगड़ा निवासी नरेश कुमार, बढेड़ा हरोली निवासी दारा सिंह पुत्र गुरवचन सिंह, पंजावर निवासी दीपक पुत्र गुरवचन सिंह इराक के आतंक प्रभावित क्षेत्र करबला में हैं।
यहां माहौल बहुत खराब है भाई..
दारा सिंह के भाई संजीव ने बताया कि दारा सिंह का शुक्रवार सुबह दस बजे फोन आया था। भ्ााई ने बताया कि यहां माहौल बहुत खराब है। यह भी कहा कि उनके साथ कई भारतीय भी हैं। सन्नी सिंह के पिता महेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें भी दो दिन पहले उनके बेटे का फोन आया था।
सन्नी वहां के हालात देखकर घबराया हुआ था। उसने पिता महेंद्र को बताया कि यहां हिमाचल के बिलासपुर, मंडी समेत राज्य के अन्य इलाकों के करीब 20 लोग हैं। महेंद्र ने बताया कि उनका इंजीनियर बेटा 16 फरवरी 2014 को इराक गया था।
महेंद्र के मुताबिक जिस तरह सन्नी ने उनसे फोन पर बात की, उससे लग रहा है कि सन्नी तथा उसके साथ अन्य सभी लोगों का अपहरण हो गया है। अब सन्नी का फोन बंद आ रहा है। फोन पर भी गोलियों और धमाकों की आवाज सुनाई दे रही थी।