टेक्नोमैक के मालिक पर शिकंजा, सीआईडी ने मांगा पासपोर्ट का ब्योरा
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करीब साढ़े चार हजार करोड़ के टेक्नोमैक घोटाले की जांच कर रही सीआईडी ने कंपनी के मालिक राकेश शर्मा पर शिकंजा कस दिया है। जांच एजेंसी ने विदेश मंत्रालय से उसके पासपोर्ट के इस्तेमाल की जानकारी मांगी है। इसमें 2012 से लेकर अब तक कितनी बार उसने भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल किया और आखिरी बार किस देश में गया, यह जानकारी जुटाई जा रही है।
जानकारी आने के बाद सीआईडी शर्मा को भारत लाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों की मदद लेने की कवायद शुरू करेगी। 2014 से टेक्नोमैक घोटाले की जांच कर रही सीआईडी ने पिछले एक साल में कंपनी के निदेशक विनय कुमार, डीजीएम विवेक लाल और एजीएम विवेक गुप्ता और हाल में डीजीएम स्टोर्स राज कुमार सैनी की गिरफ्तारी की है। इन सबसे से हुई पूछताछ के बाद जांच टीम के हाथ राकेश शर्मा तक पहुंचने लगे हैं।
विभिन्न बैंकों को फर्जी दस्तावेज सौंपकर हजारों करोड़ का लोन लेने के संबंध में पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं। इन्हीं सबूतों के आधार पर अब सीआईडी ने राकेश पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी ने विदेश मंत्रालय से पासपोर्ट का ब्योरा मांगा है। जांच एजेंसी ने यह कवायद तब शुरू की है जब उसे यह जानकारी मिली है कि वह अब भी भारत से जारी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रहा है।
पुख्ता सूत्रों का कहना है कि र्सीआईडी सिर्फ यह जानना चाह रही है कि वह जालसाजी करने के बाद कहां कहां गया ताकि वहां किए गए निवेश की जानकारी हासिल कर सके। साथ ही यह भी जानना चाहती है कि वर्तमान में वह कहां है। उसके ठिकाने की पक्की जानकारी मिलने के बाद उसके पासपोर्ट को निलंबित करने और भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण की कार्रवाई शुरू की जाएगी।