टीचर मर्डर केस: नहीं मिला कोई सुराग
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महिला टीचर की हत्या की गुत्थी बुरी तरह से उलझ चुकी है। मर्डर में इतने पेंच हैं कि पुलिस जांच भटकती दिख रही है। जांच का स्पष्ट एंगल पुलिस को नहीं मिल रहा है। कभी जांच भूमि विवाद तो कभी किसी दूसरे एंगल पर अटक जा रही है।
एक शख्स पर भी जांच की सूई टिकी है। यह शख्स यहां काफी दिन से रह रहा है। महिला डॉक्टर भी पुलिस पूछताछ में शामिल है। रिश्तेदार भी जांच से बाहर नहीं, लेकिन मर्डर के तीन दिन बाद भी पुलिस ऐसा कोई खुलासा नहीं कर सकी है, जिससे उसकी पीठ थपथपाई जा सके।
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सुषमा शर्मा की हत्या के पीछे किसी प्रोफेशनल किलर का हाथ हो सकता है, इस पर जांच चल रही है। शुक्रवार को पुलिस घर के साथ लगते जंगल में हत्याकांड से जुड़े सुराग को तलाशती रही। आस पड़ोस में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की गई।अमृतसर का एंगल भी ढूंढ रही पुलिस
वारदात से करीब 17 घंटे पहले ही सुषमा पति डा. वाईपी शर्मा के साथ अमृतसर से बनूटी लौट कर आई थी। इस एंगल पर भी पुलिस काम रही है। मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे दोनों घर पहुंचे।
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सुबह करीब पौने दस बजे डा. वाईपी शर्मा कार लेकर कार्यालय की ओर निकल गए। शूटर साढ़े दस से ग्यारह बजे के बीच घर में दाखिल हुआ। नजदीक से दो गोलियां मारकर फरार हो गया।दोनों पति पत्नी अपने बड़े बेटे से मिलने अमृतसर गए हुए थे। बेटा एक प्राइवेट बैंक में काम करता है। दूसरा बेटा हरियाणा में लॉ की पढ़ाई कर रहा है।
वापस बनूटी आ गई
बड़े बेटे से मिलने के बाद सुषमा अपनी बहन से मिलने गई लेकिन बहन के घर में रात को नहीं ठहरीं। बहन से मुलाकात के बाद वह पति के साथ बनूटी आ गई। पुलिस ने सुषमा की बहन से पूछा कि आप दोनों के बीच क्या बातचीत हुई?
क्या किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था? पुलिस के सवाल जवाब को लेकर रिश्तेदार झल्ला गए और उन पर बेवजह शक करने का आरोप लगाया।
पुलिस इस बिंदू पर काम कर रही है कि कहीं अमृतसर में ऐसा कुछ तो नहीं हुआ जो सुषमा की मौत का कारण बना हो? इस पहलू पर भी जांच चल रही है।
परिजन बता रहा है भूमि विवाद
सुषमा शर्मा की हत्या के पीछे परिजन भूमि विवाद को मुख्य वजह मान रहे हैं। परिजनों ने दावा किया कि इसके अलावा उनका किसी के साथ कोई झगड़ा नहीं चल रहा था।
जिन पर यह संगीन आरोप लगे हैं वह खुद को बेकसूर बता रहे हैं। उन्होंने माना कि जमीन के कुछ हिस्से को लेकर विवाद जरूर था।
मामला पुलिस तक भी पहुंचा लेकिन वारदात में उन्हें जबरन फंसाने की कोशिश की जा रही है।
पिस्टल के लिए छान दिया जंगल
महिला टीचर के घर के साथ देवदार का घना जंगल हैं। पुलिस की एक टीम इस उम्मीद से जंगल में खोजबीन कर रही थी कि शायद हत्या से जुड़ा कोई सबूत यहां मिल जाए।
टीचर के घर के ठीक सामने आयुर्वेद डिस्पेंसरी हैं। यहां भी डाक्टर समेत अन्य स्टाफ से बात की गई।
किसी ने क्यों नहीं सुनी गोली का आवाज!
वारदात के समय मकान के ग्राउंड फ्लोर पर किरायेदार भी मौजूद थे। मकान के साथ ही लेबर भी काम कर रही थी लेकिन किसी ने गोली सुनने की आवाज नहीं सुनी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक वारदात सुबह 11.30 बजे के आस पास हुई है। उस वक्त आसपास काफी लोग थे। लेकिन किसी ने घर के भीतर या बाहर आते हुए किसी को नहीं देखा। ये कैसे संभव है?