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हाईकोर्ट की अवमानना पर प्रबंधक को छह माह की कैद

Mon, 30 May 2016 10:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन/शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन/शिमला Updated Mon, 30 May 2016 10:14 AM IST
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six month imprisonment in contempt of court
अदालत - फोटो : file
प्रदेश हाईकोर्ट ने राज कोआपरेटिव सोसायटी नालागढ़ के मैनेजर आरके सैनी और असिस्टेंट मैनेजर नसीब सिंह को कोर्ट की अवमानना का दोषी पाते हुए छह माह की कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने दस दिसंबर 2015 को दोनों प्रतिवादियों को प्रथम दृष्टया अवमानना का दोषी पाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
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प्रतिवादियों के जवाब से असंतुष्ट होते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने दोनों दोषियों को यह सजा सुनाई। मामले के अनुसार राज कोआपरेटिव सोसायटी नालागढ़ ने मेसर्स इंडो फार्म ट्रैक्टर्स एंड मोटर्स लिमिटेड कंपनी से 88 लाख रुपये के करीब की कृषि से जुड़ी मशीनें खरीदीं। इस सोसायटी के तीन पदाधिकारियों ने सोसायटी के नाम मशीनें खरीदी। पैसे का भुगतान न होने पर कंपनी ने हाईकोर्ट के समक्ष दिवानी दावा किया।
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दावे के दौरान प्रतिवादियों ने प्रार्थी से समझौता किया कि वे एक वर्ष के भीतर बकाया भुगतान कर देंगे। इस समझौते के आधार पर कोर्ट ने दिवानी दावे को निपटा दिया और कन्सेंट डिक्री पारित कर दी। सोसायटी के प्रधान मनमोहन सिंह ने तो
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अपने हिस्से के पैसों का भुगतान कर दिया लेकिन दोनों प्रतिवादी अपने वादे से मुकर गए। मजबूरन प्रार्थी कंपनी को अजराय और अवमानना याचिका दायर करनी पड़ी। कोर्ट ने प्रार्थियों की दलीलों से सहमत होते हुए दोनों प्रतिवादियों को अवमानना पर दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।

चरस रखने का आरोपी दोषी करार
हाईकोर्ट ने मादक पदार्थ रखने के आरोपी सुनील कुमार को मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम के तहत दोषी करार दिया है। दोषी को 20 जून को सजा सुनाई जाएगी। न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने सरकार द्वारा दायर अपील को मंजूर करते हुए यह निर्णय पारित किया।

स्पेशल जज (फास्ट ट्रैक) चंबा ने दोषी सुनील कुमार को इस मामले में बरी किया था। सरकार ने चंबा कोर्ट के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामले के अनुसार 15 जनवरी, 2012 को चंबा पुलिस ने पेट्रोलिंग के दौरान जीरो प्वाइंट जसौरगढ़ में दोषी सुनील कुमार की कार से दो किलो चरस बरामद की थी।


दोषी के खिलाफ एनडीपीएस की धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया गया था। दोषी पर स्पेशल जज (फास्ट ट्रैक) कोर्ट चंबा में मामला चला था। अभियोजन पक्ष ने 10 गवाहों को पेश किया था। हाईकोर्ट ने तथ्यों और रिकार्ड का अवलोकन करने पर आरोपी सुनील कुमार को मामले में संलिप्त पाते हुए दोषी पाया है। दोषी को 20 जून को सजा सुनाई जाएगी।
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