शिमला दुष्कर्म मामला: हरियाणा से भी खाली हाथ लौटी एसआईटी
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शिमला में चलती कार में दुष्कर्म मामले में एसआईटी की टीम हरियाणा से भी खाली हाथ लौट आई है। एसआईटी को हरियाणा में भी इस मामले से जुड़ी कोई कड़ी नहीं मिली है। वारदात के 10 दिन बाद भी मामले से जुड़ा कोई सबूत नहीं मिलने पर एसटीआई के गठन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
तीन दिन पहले मामले की जांच के लिए टीम हरियाणा गई थी। इस दौरान टीम ने दावा किया था कि मामले को लेकर जल्द ही बड़ा खुलासा किया जाएगा, लेकिन हरियाणा में भी मामले से जुड़ा कोई सबूत टीम के हाथ नहीं लगा है।
वारदात के बाद सरकार ने गंभीरता दिखाते हुए जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। गठन के बाद टीम ने दावा किया था कि इस मामले में जल्द ही खुलासा किया जाएगा और आरोपी सलाखों के पीछे होंगे, लेकिन टीम के ये दावे हवा हो गए हैं।
मेधावी है दुष्कर्म पीड़िता
मामले में सैकड़ों संदिग्धों से पूछताछ की गई। इसके अलावा पीड़िता की ओर से बताए गए हुलिये के अनुसार पुलिस ने स्केच भी जारी किया है और इस स्केच को लेकर पुलिस शहर के कई इलाकों की खाक छान चुकी है, लेकिन आरोपी पुलिस के लंबे हाथों से दूर है। राजधानी में चलती कार में दुष्कर्म मामले की पीड़िता मेधावी है।
बोर्ड परीक्षाओं में भी छात्रा ने टॉप किया है। इसने दो बार नीट क्वालीफाई किया है। हालांकि, पसंद का संस्थान नहीं मिलने के कारण छात्रा ने प्रवेश नहीं लिया। बड़े संस्थान में प्रवेश की उम्मीद लिए इसने तीसरी बार नीट की तैयारी शुरू की और शिमला आई गई।