जेल में रची साजिश, एटीएम उखाड़कर निकाले पैसे, फिर पानी में फेंका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिमला के गुम्मा- कोटखाई से स्टेट बैंक आफ इंडिया के एटीएम चोरी की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। एटीएम उखाड़ कर ले जाने वाले दो आरोपियों को नालागढ़ के रामशहर से गिरफ्तार कर लिया गया है।
आरोपियों की पहचान बाबूराम निवासी रामशहर और राजकुमार निवासी मुरादाबाद के तौर पर हुई है। इनका तीसरा साथी अभी फरार है। वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी को भी बरामद कर लिया गया है। एटीएम को पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद जंदू पुल से बरामद किया है।
इसमें से पैसा निकालने के बाद आरोपियों ने इसे गहरे पानी में फेंक दिया था। गोताखोरों और जेसीबी की मदद से एटीएम को पानी से निकाला गया अब उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। वीरवार शाम को आरोपियों के बारे में शिमला पुलिस को सूचना मिली।
आरोपी ने कबूला कैसे अंजाम दी थी वारदात
इस पर एएसपी सिटी टीम के साथ आरोपियों की तलाश में नालागढ़ की तरफ निकल गए। मामले के मुख्य आरोपी बाबूराम के गिरफ्त में आने के बाद उसने अपने दो साथियों के नाम भी उगल दिए। बाबूराम पर करीब 35 आपराधिक मामले चल रहे हैं।
कई चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। आरोपी ने बताया कि वह ऐसे एटीएम को निशाना बनाते हैं जहां सिक्योरिटी गार्ड न हो और एटीएम भीड़ भाड़ वाले इलाके में न हो वहां से एटीएम को उखाड़ ले जाना आसान रहता है।
आरोपी ने बताया कि एटीएम को चोरी कर लेने के बाद वह नालागढ़ ले आए और यहां को एटीएम से उन्हें केवल 15 हजार 700 रुपये मिले। इस पैसे को आपस में बांट कर एटीएम को गहरे पानी में फेंक दिया था। आरोपी की ही निशानदेही के आधार पर पानी से एटीएम को निकाल दिया गया है। पुलिस अब तीसरे आरोपी की तलाश कर रही है।
कहीं पुलिस को गुमराह तो नहीं कर रहे शातिर
एसबीआई की ओर से पुलिस को दिए गए बयान में कहा गया है कि एटीएम में 4 लाख 13 हजार रुपये थे जबकि आरोपी एटीएम में 15 हजार होने की बात कर रहे हैं। ऐसे में लाखों की वह रकम कहां गुम हो गई है। क्या आरोपी पुलिस को गुमराह कर रहे हैं या फिर कुछ और गड़बड़झाला है।
पुलिस हर पहलू पर तफ्तीश कर रही है। अंदेशा जताया जा रहा है कि एटीएम में ही शेष रकम मिल सकती है या फिर एटीएम को तोड़ने के दौरान रुपये नष्ट हो गए हों। पुलिस का कहना है कि इस बात का खुलासा फोरेंसिक जांच के बाद ही हो पाएगा।
जेल में बनी एटीएम चोरी की प्लानिंग
मुख्य आरोपी बाबूराम ने बताया कि उन तीनों की दोस्ती जेल में हुई है। वहीं पर उन्होंने एटीएम चोरी के योजना बनाई इसके अलावा बाबूराम ने बताया कि शिमला के कई कुख्यात आरोपियों के साथ भी उनका गठजोड़ रहा है और कई वारदातों में मिल कर अंजाम भी दिया है।
आरोपी कह रहे, 15 हजार मिले : नेगी
एएसपी सिटी भजन देव नेगी ने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि चोरी के आरोपी का संबंध नालागढ़ से है। इस पर वह टीम के साथ नालागढ़ पहुंच गए और मुख्य आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ के बाद दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार कर लिया गया
एटीएम को भी गहरे पानी से बरामद कर लिया गया है। शुरूआती पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि एटीएम से उन्हें करीब 15 हजार ही मिले हैं। एटीएम को जांच के लिए फोरेंसिक भेजा जा रहा है उसी के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
एसपी ने थपथपाई टीम की पीठ
एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी ने एटीएम चोरी मामले को समय रहते सुलझाने और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टीम के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देकर उनकी हौसलाअफजाई की है। एसपी शिमला ने कहा कि टीम के प्रयासों और रात दिन की मेहनत से यह संभव हो पाया है।