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चरस तस्करी के आरोपी के घर से मिले 46 लाख के चेक
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 30 Mar 2016 05:24 PM IST
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शिमला में चरस तस्करी के आरोप में गिरफ्तार दीपराम के घर की तलाशी लेने पर 46 लाख के चेक मिले हैं।
शिमला में चरस तस्करी के आरोप में गिरफ्तार दीपराम के घर की तलाशी लेने पर 46 लाख के चेक मिले हैं। दीपराम को चेकों के जरिए अलग-अलग लोगों ने भुगतान किया है। कुछ खाली (ब्लैंक) चेक भी मिले हैं। जिन लोगों ने चेक के जरिए दीपराम को लाखों का भुगतान किया है उनको पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है।
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पुलिस को अंदेशा है कि यह लेन-देन चरस और अफीम की खरीद फरोख्त के लिए किया गया है। आरोपी दीपराम को दर्जनों सिम सप्लाई करने वाले एक व्यक्ति से भी पूछताछ की गई। उसने माना कि अधिकांश सिम उसी ने जारी किए थे। मामले की तह तक जाने के लिए मंगलवार को एएसपी सिटी भजन देव की निगरानी में एसआईटी का गठन किया गया।
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इसमें डीएसपी नारकोटिक्स बलबीर जसवाल, एसएचओ बालूगंज वीरी सिंह, सब इंस्पेक्टर प्रवीन कुमार, एएसआई शिव कुमार, एएसआई मस्त राम और हेडकांस्टेबल अनिल कुमार को शामिल किया गया है। आरोपी के बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं। जांच टीम को अंदेशा है कि आरोपी ने बैंक के अलावा कहीं दूसरी जगह पैसा छिपा कर रखा हो सकता है। आरोपी चार अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर है।
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2003 में धरा गया था दीपराम
टुटू में दीपराम के घर से पुलिस ने 16 किलो चरस व अफीम बरामद की थी। नगदी के अलावा करीब 96 मोबाइल सिम और आभूषण भी बरामद हुए थे। पुलिस ने उत्तराखंड के त्यूणी से 45 वर्षीय मेहर सिंह को भी गिरफ्तार किया था। यह भी दीपराम का एक गुर्गा बताया जा रहा है। साल 2003 में दीपराम गिरफ्तार हुआ था लेकिन इसके बाद वह कभी हत्थे नहीं चढ़ा।
पुलिस को काले कारोबार की थी खबर
दीपराम के काले कारोबार की खबर बरसों से पुलिस महकमे को भी थी। वह विश्वसनीय को ही चरस की सप्लाई देता था। इतना ही नहीं पुलिस की आंख में धूल झोंकने के लिए उसने शटरिंग का काम भी चला रखा है। जो लाखों के चेक पुलिस को मिले हैं उसे आरोपी कह रहा है कि उसने यह पैसा शटरिंग से कमाया है। पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है।
क्या कहते हैं एसपी
मामले की गहनता से जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। यह टीम एएसपी सिटी भजन देव नेगी की निगरानी में काम करेगी। आरोपी की संपत्तियों की जांच भी शुरू कर दी गई है। यह जल्द पता लग जाएगा कि चरस और अफीम बेच उसने कितनी संपत्ति अर्जित की है।-डी डब्ल्यू नेगी, एसपी शिमला