कोटखाई रेप एंड मर्डर केस: पुलिस के लिए सिरदर्द बनी छात्रा की एक जुराब
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दसवीं की छात्रा से दुराचार और उसकी हत्या करने वाले दरिंदों को पकड़ने के लिए शिमला की स्मार्ट पुलिस के लंबे हाथ छोटे पड़ गए हैं। जंगलों की खाक छानने के बाद भी छात्रा के पांव से गायब एक जुराब तक पुलिस नहीं ढूंढ पाई है।
रविवार को दिन भर पुलिस की टीमें जंगलों में भटकती रहीं पर कोई सुराग नहीं मिला। आरोप है कि पुलिस ने पहले दिन इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया है। सूचना के करीब चार घंटे बाद पुलिस वारदात स्थल पर पहुंची।
तब तक वहां सैकड़ों लोगों का हुजूम एकत्र हो गया था। कई लोगों ने मोबाइल से शव के फोटो खींच कर सोशल मीडिया में वायरल कर दिए। घंटों बाद पुलिस ने जंगल में आकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी अस्पताल भेज दिया।
गुड़िया के अभिभावकों का आरोप है कि उन्होंने घटना वाले दिन सुबह करीब साढ़े सात बजे स्थानीय पुलिस को सूचित कर दिया था लेकिन कोटखाई और ठियोग पुलिस एक साथ करीब दोपहर 12 बजे पहुंची।
तब तक घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट चुकी थी। इस स्थिति में वारदात स्थल से आरोपियों के साक्ष्य जुटाना कोई आसान काम नहीं। मीडिया में मामला सामने आने के बाद पुलिस के हाथ पांव फूले और आरोपियों की तलाश शुरू हुई लेकिन अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
शव को सबसे पहले देखने वाले का कहना है कि उन्हें अंदेशा है बच्ची से दुराचार और हत्या किसी दूसरी जगह पर हुई है और उसकी लाश को यहां फेंका गया। दावा है कि उसके शरीर पर खरोंच तक के निशान नहीं थे। ऐसे में इस बात की ज्यादा आशंका है कि उसके साथ किसी दूसरी जगह पर दरिंदगी की गई है।
आखिरी बार छोटे भाई से कही थी ये बात
चार जुलाई को सरकारी स्कूल में टूर्नामेंट चल रहे थे। गुड़िया का छोटा भाई भी इसी स्कूल में पढ़ता है। गुड़िया उसके पास आई और कहने लगी कि घर चलना है। छोटे भाई ने इनकार करते हुए कहा कि वह आज यहीं रुकेगा।
इस पर गुड़िया ने भाई से कहा कि वह घर जा रही है। स्कूल से अपनी एक सहेली के साथ बानकुफर तक गई, उसके बाद अपने घर की तरफ चली गई। इसके बाद गुड़िया के साथ कौन था और जंगल में कौन उसको उठा ले गया इसका जवाब पुलिस खोज रही है।
घर में अगली रात चला पता, मामा ने देखा सबसे पहले शव
मंगलवार को गुड़िया के घर न आने से अभिभावकों ने सोचा कि वह अपने मामा या फिर अपनी सहेली के घर में रुक गई होगी। बुधवार रात करीब पौने आठ बजे जब छोटा भाई घर पहुंचा तब उसकी मां ने पूछा कि दीदी कहां है।
इस पर बेटे ने कहा कि दीदी तो कल ही घर आ गई थी। परिवार के सदस्यों को चिंता हुई और उन्होंने गांव वालों को एकत्र कर जंगल में तलाश शुरू कर दी। उन्हें अंदेशा था कि उनकी बेटी को कहीं कोई जंगली जानवर तो नहीं खा गया।
मामा ने देखा सबसे पहले शव
बुधवार देर रात को गुड़िया के लापता होने की खबर मामा को भी दी गई। मामा से भी कहा गया कि वह जंगल में खोज शुरू करे। मामा अगले दिन दांदी के घने जंगल में भांजी को ढूंढने निकल गया। वीरवार सुबह करीब सात बजे मामा को भांजी का शव नग्न हालत में मिला था।
कहां हुई हत्या, अब तक साफ नहीं
गुड़िया की हत्या कहां हुई, यह अब तक साफ नहीं है। उसे जंगल में ही मारा गया या फिर उसका अपहरण कर उसे किसी के घर लाया गया। इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है। इस घिनौने कांड में कितने लोग शामिल थे, यह भी अभी मालूम नहीं है। पुलिस ने सर्च अभियान चला रखा है लेकिन कुछ हाथ नहीं आया।
पुलिस ने बनाई पांच टीमें
पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए पांच टीमें बनाई हैं। एसपी शिमला स्वयं कोटखाई में मामले की निगरानी कर रहे हैं और हर गतिविधि का अपडेट ले रहे हैं। इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने का पुलिस प्रशासन पर भारी दबाव है।
एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी ने कहा कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग पांच टीमें बनाई गई हैं, यह रात दिन काम कर रही हैं। संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। सुराग के लिए जंगल में भी टीमें गई हुई हैं।