खुला लाखों के मोबाइल चोरी का राज, शिमला पुलिस ने पकड़ा चोर गिरोह
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शिमला के लोअर बाजार में करीब 23 लाख कीमत के मोबाइल चोरी मामले में चार आरोपियों को पुलिस ने मेरठ से पकड़ा है। आरोपियों में मेरठ से रोजूदीन, मोहम्मद उमेद, मोहम्मद रिहाना और चांद मोहम्मद को हिरासत में लिया है। इन आरोपियों में लोअर बाजार में एक मोबाइल शॉप से छह महीने के दौरान दो बार चोरी की और लाखों की कीमत के मोबाइल चुरा ले गए।
इन्हें मोबाइल के ईएमआई के आधार पर पकड़ा गया है। चोरी के सात मोबाइल भी बरामद किए गए हैं। चोरी के दोनों मामले थाना सदर में दर्ज है। अब तक की पुलिस जांच में सामने आया है कि मोबाइल चोरियों में मेरठ की गैंग का हाथ है। यह खुलासा लोअर बाजार से मोबाइल चोरी मामले मे पकड़े गए युवकों से हुआ है।
पुलिस की पकड़ में आए मेरठ के इन चारों युवकों ने बीते साल पहली चोरी 27 अगस्त को लोअर बाजार में की थी, दूसरी चोरी इसी दुकान में 31 दिसंबर की रात को की थी। मोबाइल के साथ साथ आरोपी 61 हजार की नकदी पर हाथ साफ कर गए थे ।
शिमला पुलिस बीते 6 माह से मोबाइल चोरों की तलाश कर रही थी। आखिर 6 महीने बाद पुलिस चोरी हुए मोबाइल के ईएमआई नंबर के जरिए चोरों तक पहुंची और पुलिस ने मेरठ में जाल बिछाकर चोरी के आरोपियों को पकड़ लिया । इनके दो साथियों की अभी तलाश की जा रही है।
मेरठ से ट्रक में शिमला तक पहुंचती है गैंग
मेरठ की मोबाइल चोर गैंग मेरठ से ट्रक में सवार होकर शिमला तक पहुंचती है । मेरठ से शिमला आने तक कई जगहों में दुकान में सेंध लगाते रहे हैं। यह पहले रैकी करते हैं उसके बाद पूरा प्लान बनाकर चोरी करते हैं।
गैंग के कुछ सदस्य दुकान का ताला तोड़ कर भीतर दाखिल होते हैं और दूसरे साथी दुकान के आस पास की निगरानी करते हैं। किसी तरह का कोई शक होने पर तुरंत मोबाइल से कॉल कर सतर्क कर देते थे।
मेरठ से पकड़े गैंग के चार सदस्य
एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी ने कहा कि मोबाइल चोरी के आरोप में चार आरोपियों को मेरठ से पकड़ा गया है। इनके पास से चोरी के सात मोबाइल भी बरामद किए गए हैं। इनसे पूछताछ चल रही है।
क्या कहता है व्यापार मंडल
शिमला व्यापार मंडल के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा कि बाहरी राज्यों से आने वाले शांत शहर में आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने दुकानदारों और स्थानीय लोगों से अपील करते हुए कहा कि बाहर से आए नए लोगों को अपनी दुकान के
बाहर जगह मत दें क्योंकि पहले ये लोग रैकी करते हैं फिर वारदात कर फरार हो जाते हैं। अगर किसी बाहरी व्यक्ति पर कोई संदेह हो तो तुरंत व्यापार मंडल या फिर पुलिस को बताए। चोरी की वारदात सुलझाने के लिए पुलिस प्रशासन का धन्यवाद भी किया।